रायगढ़: नाबालिग एवं महिला संबंधी शिकायतों पर त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे ‘अभियान संवेदना’ के तहत रायगढ़ पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की है। पुसौर पुलिस ने जम्मू-कश्मीर से 17 वर्षीय नाबालिग बालिका को सकुशल दस्तयाब कर उसे बहला-फुसलाकर ले जाने वाले युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है। वहीं रैरूमाखुर्द क्षेत्र में महिला से दुष्कर्म के मामले में विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उसे किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है।
जम्मू से 17 वर्षीय नाबालिग बालिका को सकुशल किया दस्तयाब
थाना पुसौर में एक बालिका के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी 17 वर्षीय पुत्री 21 जुलाई 2026 की सुबह करीब 3 बजे घर से बिना बताए कहीं चली गई है। परिजनों और रिश्तेदारों के स्तर पर काफी तलाश के बावजूद बालिका का पता नहीं चल सका।
परिजनों की रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 195/2026, धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस को बालिका के जम्मू में होने की जानकारी मिली।
जम्मू-कश्मीर पहुंची पुसौर पुलिस की टीम
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में पुसौर पुलिस की टीम जम्मू-कश्मीर रवाना हुई। पुलिस टीम ने वहां लगातार पतासाजी करते हुए 12 अगस्त 2026 को संदेही पुनमचंद मैत्री, उम्र 24 वर्ष, निवासी बुनगा, थाना पुसौर के कब्जे से नाबालिग बालिका को सकुशल दस्तयाब किया।
पुलिस के अनुसार बालिका का महिला अधिकारी से कथन कराया गया। कथन में बालिका ने आरोप लगाया कि आरोपी युवक उसे शादी का प्रलोभन देकर अपने साथ ले गया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
आरोपी के खिलाफ पॉक्सो सहित गंभीर धाराओं में कार्रवाई
मामले में आरोपी के विरुद्ध धारा 64(2)(i), 64(2)(M) बीएनएस एवं धारा 4 पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। वहीं बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया।
बालिका की तलाश और सकुशल बरामदगी में थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस, उप निरीक्षक कुंदन लाल गौर, प्रधान आरक्षक बसंत पांडे, धनुर्जय बेहरा एवं महिला आरक्षक देवमति मांझी की सराहनीय भूमिका रही।
रैरूमाखुर्द में महिला से दुष्कर्म, विधि से संघर्षरत बालक पर कार्रवाई
दूसरे मामले में पुलिस चौकी रैरूमाखुर्द क्षेत्र की एक 32 वर्षीय महिला ने गांव के एक किशोर पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के अनुसार 15 जुलाई 2026 को महिला घर पर अकेली थी। इसी दौरान गांव का एक किशोर उसके घर पहुंचा और कथित तौर पर डरा-धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। महिला के अनुसार आरोपी ने घटना की जानकारी किसी को देने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी।
किशोर के खिलाफ बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज
महिला द्वारा बाद में अपने पति को घटना की जानकारी दिए जाने के बाद पुलिस चौकी रैरूमाखुर्द में अपराध क्रमांक 225/2026, धारा 64(1) एवं 351(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
विवेचना के दौरान महिला अधिकारी द्वारा पीड़िता का कथन दर्ज किया गया। इसके बाद चौकी प्रभारी रैरूमाखुर्द उप निरीक्षक इगेश्वर यादव ने विधि से संघर्षरत बालक को तलब कर पूछताछ की।
पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान बालक ने अपराध करना स्वीकार किया। इसके बाद उसे किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया।
महिला और नाबालिग संबंधी मामलों में संवेदनशील कार्रवाई पर जोर
‘अभियान संवेदना’ के तहत रायगढ़ पुलिस द्वारा महिला एवं नाबालिग संबंधी शिकायतों में त्वरित कार्रवाई के साथ पीड़ितों की सुरक्षा और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में शिकायत मिलने के बाद संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करते हुए पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।