नारी शक्ति सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा- बदलते छत्तीसगढ़ में महिलाएं हर क्षेत्र में निभा रहीं महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन होना हर बेटी और महिला के लिए गौरव एवं प्रेरणा का विषय
रायपुर। बदलते छत्तीसगढ़ में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व क्षमता की तस्वीर अब जिला प्रशासन में भी दिखाई दे रही है। प्रदेश के 12 जिलों की कमान महिला कलेक्टर संभाल रही हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इसे छत्तीसगढ़ में नारी शक्ति के बढ़ते नेतृत्व और सामर्थ्य का सशक्त प्रमाण बताया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने यह बात रायपुर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागृह में आयोजित नारी शक्ति सम्मान समारोह में कही। उन्होंने कहा कि महिलाओं का नेतृत्व आज समाज के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार मजबूत हो रहा है और प्रशासनिक जिम्मेदारियों में उनकी भागीदारी बदलते छत्तीसगढ़ की तस्वीर को सामने रखती है।
12 जिलों में महिला कलेक्टर संभाल रहीं जिम्मेदारी
प्रदेश के 12 जिलों में महिला अधिकारियों को कलेक्टर की जिम्मेदारी मिली हुई है। इनमें कोंडागांव, बेमेतरा, नारायणपुर, बालोद, सूरजपुर, सक्ती, कबीरधाम, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, सारंगढ़-बिलाईगढ़, बलरामपुर-रामानुजगंज, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और कोरिया जिले शामिल हैं।
इन जिलों में महिला कलेक्टरों के रूप में नूपुर राशि पन्ना, प्रतिष्ठा ममगई, नम्रता जैन, दिव्या मिश्रा, रेना जमील, जयश्री जैन, तुलिका प्रजापति, तनुजा सलाम, पद्मिनी भोई साहू, चंदन संजय त्रिपाठी, संतंन देवी जांगड़े और रोक्तिमा यादव जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
जिला प्रशासन की कमान संभालना महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों की निगरानी, जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन और आम लोगों से जुड़े प्रशासनिक विषयों में कलेक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। ऐसे में प्रदेश के 12 जिलों में महिलाओं का इस जिम्मेदारी पर होना प्रशासनिक क्षेत्र में महिला नेतृत्व की मजबूत मौजूदगी को दर्शाता है।
महिला नेतृत्व को बताया बदलते छत्तीसगढ़ की पहचान
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के 12 जिलों की कमान महिला कलेक्टरों के पास होना केवल एक प्रशासनिक तथ्य नहीं, बल्कि महिलाओं की बढ़ती नेतृत्व क्षमता और सामर्थ्य का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि महिलाएं आज अपनी प्रतिभा और क्षमता के बल पर अलग-अलग क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति को आगे बढ़ने के अवसर मिलना समाज और प्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। महिलाओं की नेतृत्व क्षमता को प्रोत्साहन मिलने से बेटियों और युवतियों के सामने भी आगे बढ़ने के नए अवसर और प्रेरणा के रास्ते खुलते हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का उदाहरण हर बेटी के लिए प्रेरणा
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन होना हर बेटी और महिला के लिए गौरव एवं प्रेरणा का विषय है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचना देश की महिलाओं के लिए गर्व की बात है। उनका उदाहरण यह विश्वास मजबूत करता है कि महिलाएं अपनी क्षमता, मेहनत और नेतृत्व के बल पर किसी भी ऊंचाई तक पहुंच सकती हैं।
नारी शक्ति सम्मान समारोह में महिला नेतृत्व पर जोर
रायपुर के अटल बिहारी वाजपेयी सभागृह में आयोजित नारी शक्ति सम्मान समारोह का मुख्य संदेश महिला सम्मान, नेतृत्व और सशक्तिकरण से जुड़ा रहा। मुख्यमंत्री श्री साय ने महिलाओं की उपलब्धियों और उनके बढ़ते नेतृत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि बदलते छत्तीसगढ़ में नारी शक्ति अपनी मजबूत भूमिका दर्ज करा रही है।
प्रदेश के 12 जिलों में महिला कलेक्टरों की मौजूदगी इसी बदलते परिदृश्य की एक महत्वपूर्ण तस्वीर है। मुख्यमंत्री के अनुसार, महिलाओं का बढ़ता नेतृत्व और सामर्थ्य आज छत्तीसगढ़ के विकास और सुशासन की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।