38 नगरीय निकायों में नालंदा परिसर, चार प्रमुख शहरों में 240 ई-बसें और 8 निकायों में 800 करोड़ रुपये के सीबीजी प्लांट
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के शहरों में नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शहरों का विकास केवल अधोसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि नागरिकों को स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, बेहतर सड़क, प्रकाश व्यवस्था और सुगम सार्वजनिक परिवहन जैसी मूलभूत सुविधाएं गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध रूप से मिलनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने मंत्रालय महानदी भवन में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा बैठक लेते हुए अधिकारियों को नगरीय निकायों में संचालित योजनाओं और विकास कार्यों की नियमित निगरानी कर निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन द्वारा स्वीकृत विकास कार्यों का वास्तविक लाभ नागरिकों तक समय पर पहुंचना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है और निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
31 नालंदा परिसरों का निर्माण कार्य जारी
मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए आधुनिक और सुविधायुक्त अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए जा रहे सेंट्रल लाइब्रेरी सह रीडिंग जोन ‘नालंदा परिसर’ की प्रगति की समीक्षा की।
प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि तीन वित्तीय वर्षों में प्रदेश के 38 नगरीय निकायों में नालंदा परिसर निर्माण की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 31 कार्य वर्तमान में प्रगतिरत हैं।
मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन परिसरों के कार्यों में तेजी लाते हुए इन्हें शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने रायपुर में निर्माणाधीन नालंदा परिसर की प्रगति, प्रस्तावित सीटों की संख्या और उपलब्ध सुविधाओं की भी जानकारी ली।
14 नगर निगमों में विकसित हो रही यातायात अधोसंरचना
मुख्यमंत्री ने नगरोत्थान योजना की समीक्षा करते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप शहरों की अधोसंरचना विकसित करने पर जोर दिया।
प्रदेश के 14 नगर निगमों के लिए प्रारंभ की गई इस योजना के तहत मुख्य सड़कों का चौड़ीकरण, बाईपास, फ्लाईओवर, सर्विस लेन और अंडरपास सहित यातायात से संबंधित आवश्यक अधोसंरचना का विकास किया जा रहा है।
वहीं नगरीय निकायों के सतत, संगठित एवं नागरिक-केंद्रित विकास के लिए ‘आदर्श शहर समृद्धि योजना’ प्रारंभ की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में योजना के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और इसके अंतर्गत 32 नगरीय निकायों का चयन किया गया है।
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में रायपुर देश में छठे स्थान पर
बैठक में रायपुर नगर निगम के वायु प्रदूषण नियंत्रण के क्षेत्र में किए गए कार्यों की जानकारी दी गई। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में रायपुर ने 189 अंक प्राप्त कर देश में छठा स्थान हासिल किया है।
राज्य स्तरीय वार्ड रैंकिंग-2026 में रायपुर के वार्ड क्रमांक 46 ने 30 हजार से अधिक आबादी वाली श्रेणी तथा वार्ड क्रमांक 30 ने 10 हजार से 30 हजार आबादी वाली श्रेणी में स्थान प्राप्त किया है।
मुख्यमंत्री ने विभाग और नगर निगम की टीम को बधाई देते हुए वार्डों में उद्यान विकसित करने, कम वृक्षों वाले क्षेत्रों का चिन्हांकन कर व्यापक वृक्षारोपण करने तथा प्रत्येक नगरीय निकाय में वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रसंस्करण के लिए प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को जल्द मिले घर
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 1.0 और 2.0 की प्रगति की समीक्षा करते हुए स्वीकृत आवासों, निर्माण की स्थिति, आबंटन और व्यवस्थापन की जानकारी ली।
उन्होंने अधिकारियों से आवासों के आवंटन एवं व्यवस्थापन की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि पात्र परिवारों को शीघ्र पक्के आवास का लाभ मिल सके।
चार शहरों में शुरू होगी 240 ई-बसों की सेवा
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में कुल 240 ई-बसों के संचालन की तैयारी की जा रही है।
इसके लिए आवश्यक अधोसंरचना संबंधी कार्य मार्च 2027 से पहले पूरा कर ई-बसों का संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने सभी निर्माण एवं अधोसंरचना कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि ई-बस सेवा से नागरिकों को आधुनिक, सुविधाजनक और बेहतर सार्वजनिक परिवहन मिलेगा तथा पर्यावरण-अनुकूल शहरी परिवहन व्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।
हेल्पलाइन शिकायतों का त्वरित और संवेदनशील निराकरण करें
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में नगरीय प्रशासन से संबंधित शिकायतों और उनके निराकरण की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने शिकायतों का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रॉपर्टी टैक्स के पुनरीक्षण और नगरीय निकायों के विद्युत देयकों की जानकारी लेते हुए बिजली बिलों का नियमित रूप से प्रतिमाह भुगतान सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ और आत्मनिर्भर बनाने के लिए राजस्व एवं कर संकलन बढ़ाने पर जोर दिया तथा बेहतर प्रदर्शन करने वाले निकायों को प्रोत्साहित एवं सम्मानित करने की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए।
अमृत मिशन 2.0 की धीमी प्रगति पर नाराजगी
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अमृत मिशन 2.0 की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना प्राथमिकता का विषय है और अमृत मिशन के लंबित कार्यों को मिशन मोड में तेजी से पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण में उच्च गुणवत्ता और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर जोर देते हुए स्लम रिडेवलपमेंट और लैंड मोनेटाइजेशन के लिए भी योजनाबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
8 नगरीय निकायों में 800 करोड़ रुपये के सीबीजी प्लांट
बैठक में बताया गया कि परिवहन एवं औद्योगिक क्षेत्रों के लिए स्वच्छ एवं सतत ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश के 8 नगरीय निकायों में लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत से कम्प्रेस्ड बायो गैस यानी सीबीजी प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी विकास से जुड़ी सभी योजनाओं के परिणाम धरातल पर स्पष्ट दिखाई देने चाहिए। उन्होंने नियमित समीक्षा, निर्माण गुणवत्ता की सतत निगरानी और सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक श्री नीलेश महादेव क्षीरसागर, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव श्री प्रभात मलिक, सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुमित अग्रवाल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।