जशपुर। सरकारी निर्माण कार्यों में केवल राशि खर्च कर संरचनाएं खड़ी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका आम लोगों के लिए उपयोगी होना भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से कलेक्टर रोहित व्यास ने विकासखंड दुलदुला के विभिन्न ग्रामों में सड़क, पुल-पुलिया और अन्य अधोसंरचना निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एक पुलिया की उपयोगिता पर असंतोष जताते हुए उन्होंने जांच के निर्देश दिए, वहीं निर्धारित उपयोग के अनुरूप पर्याप्त स्थान नहीं मिलने पर मिनी स्टेडियम के कार्य को निरस्त करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि विकास कार्यों की योजना बनाते समय वास्तविक जरूरत, उपयोगिता और निर्धारित मानकों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
आंवरापानी में पुलिया की उपयोगिता पर उठे सवाल, 10 दिन में जांच रिपोर्ट के निर्देश
कलेक्टर ने ग्राम आंवरापानी में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत केंद खमन पहुंच मार्ग पर निर्मित आरसीसी पुलिया का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिया की उपयोगिता को लेकर असंतोष व्यक्त किया और कहा कि निर्माण से अपेक्षित उपयोगिता सुनिश्चित नहीं हो रही है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने संबंधित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को पुल निर्माण की आवश्यकता, उपयोगिता और कार्य की स्थिति की जांच कर 10 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जांच के माध्यम से यह स्पष्ट किया जाना है कि पुलिया का निर्माण किस आवश्यकता के आधार पर किया गया और उसकी मौजूदा स्थिति तथा उपयोगिता क्या है।
कस्तूरा–सरायटोली सड़क का निरीक्षण, गुणवत्ता पर जोर
आंवरापानी के बाद कलेक्टर ने ग्राम पंचायत कस्तूरा में पीएमजीएसवाई के अंतर्गत निर्माणाधीन कस्तूरा से सरायटोली मार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने सड़क निर्माण की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सड़क जैसे बुनियादी ढांचे के निर्माण में गुणवत्ता और समयबद्ध प्रगति महत्वपूर्ण होती है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की निगरानी करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप हो।
जगह कम मिलने पर मिनी स्टेडियम का कार्य निरस्त करने के निर्देश
कलेक्टर ने कस्तूरा में जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन मिनी स्टेडियम के कार्य का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मैदान की लंबाई-चौड़ाई और उपलब्ध स्थान को उसके निर्धारित उपयोग के अनुरूप पर्याप्त नहीं पाया गया। इसके बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मिनी स्टेडियम का कार्य निरस्त करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि किसी भी निर्माण कार्य की योजना बनाते समय उसके वास्तविक उद्देश्य, आवश्यक आकार और निर्धारित मानकों को ध्यान में रखना जरूरी है। यदि उपलब्ध स्थान प्रस्तावित सुविधा के लिए पर्याप्त नहीं है, तो योजना की उपयोगिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ऐसे में निर्माण से पहले आवश्यक पहलुओं का आकलन किया जाना चाहिए, ताकि सरकारी धन का प्रभावी और सार्थक उपयोग सुनिश्चित हो सके।
निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी के निर्देश
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर रोहित व्यास ने संबंधित अधिकारियों को सड़क, पुल-पुलिया और अन्य अधोसंरचना निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य को स्वीकृति देने और पूरा कराने से पहले उसकी वास्तविक आवश्यकता, उपयोगिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जहां अनियमितता या लापरवाही सामने आए, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाए। दुलदुला क्षेत्र में किए गए इस निरीक्षण के दौरान अनुपयोगी निर्माण की जांच से लेकर निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने तक, कलेक्टर ने अधिकारियों की जवाबदेही पर जोर दिया।