जशपुरनगर 15 अक्टूबर 2026:- कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने विकासखंड दुलदुला के विभिन्न ग्राम पंचायतों का व्यापक दौरा कर शैक्षणिक संस्थानों, स्कूल मरम्मत कार्यों, जल जीवन मिशन के तहत निर्मित पानी टंकियों तथा अन्य विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, पूर्णता की स्थिति और आम नागरिकों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। अपूर्ण एवं गुणवत्ताविहीन कार्यों पर नाराजगी जताते हुए संबंधित निर्माण एजेंसियों को समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने तथा लापरवाही पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री व्यास ने ग्राम पंचायत बरपानी में निर्माणाधीन हायर सेकेंडरी स्कूल भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित निर्माण एजेंसी को शेष कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके पश्चात उन्होंने बरपानी में जल जीवन मिशन के अंतर्गत निर्मित पानी टंकी का निरीक्षण किया। योजना के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति जानने के लिए वे स्थानीय परिवार के घर भी पहुंचे और पेयजल आपूर्ति के संबंध में जानकारी ली।
इसके बाद ग्राम पंचायत कशीबन्ध के आंगनबाड़ी केंद्र एवं प्राथमिक शाला का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। ग्राम पंचायत कस्तूरा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में स्कूल मरम्मत कार्यों का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने वर्ष 2024-25 के मरम्मत कार्य अब तक पूर्ण नहीं होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित निर्माण एजेंसी के विरुद्ध कार्य निरस्त करने के निर्देश दिए।
इसी क्रम में ग्राम पंचायत कोरना के शासकीय प्राथमिक शाला का निरीक्षण किया गया। यहां शौचालय का कार्य अपूर्ण पाए जाने तथा विद्युतीकरण का कार्य शेष होने पर कलेक्टर ने संबंधित एजेंसी को एक सप्ताह के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं होने पर कार्य निरस्त करने की चेतावनी भी दी।
ग्राम सीरिमकेला के प्राथमिक शाला में मरम्मत कार्य अपूर्ण पाए जाने पर संबंधित निर्माण एजेंसी के विरुद्ध कार्य निरस्त करने के निर्देश दिए गए। वहीं, ग्राम फरसा के शासकीय प्राथमिक शाला में आंतरिक विद्युतीकरण एवं शौचालय में पानी की व्यवस्था से संबंधित कार्य एक सप्ताह के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्कूलों में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के साथ निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सके।