रायपुर। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत के निर्माण में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की निर्णायक भूमिका होगी तथा देश की युवा प्रतिभाएं इस परिवर्तन की सबसे बड़ी शक्ति बनेंगी।
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने मंगलवार को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर में सात अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, महत्वपूर्ण खनिज, अंतरिक्ष अनुसंधान, एयरोस्पेस तकनीक, ग्रामीण एवं जनजातीय स्वास्थ्य, कंप्यूटेशनल मैकेनिक्स तथा नैनोसाइंस और सतत ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में स्थापित ये केंद्र छत्तीसगढ़ को वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और उद्यमिता के नए केंद्र के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

तकनीकी परिवर्तन के दौर में युवाओं को विश्वस्तरीय अनुसंधान सुविधाएं जरूरी
केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने कहा कि आज दुनिया तेजी से तकनीकी परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल भविष्य की तकनीक नहीं, बल्कि वर्तमान में शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि, प्रशासन और अर्थव्यवस्था में व्यापक बदलाव लाने का सशक्त माध्यम बन चुकी है।
ऐसे समय में युवाओं को नई तकनीकों से जोड़ना, उन्हें विश्वस्तरीय अनुसंधान सुविधाएं उपलब्ध कराना और नवाचार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में अनुसंधान और नवाचार की नई संस्कृति विकसित हो रही है। भारत अब केवल आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने वाला देश नहीं, बल्कि नई तकनीकों और अनुसंधान आधारित समाधानों के विकास में अग्रणी भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
एनआईटी रायपुर में सात सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना इसी व्यापक राष्ट्रीय संकल्प का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
छत्तीसगढ़ में आधुनिक तकनीक और अनुसंधान की अपार संभावनाएं
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों, समृद्ध खनिज संपदा और प्रतिभाशाली युवाओं का प्रदेश है। यहां वैज्ञानिक अनुसंधान और अत्याधुनिक तकनीकों के विस्तार की अपार संभावनाएं हैं।
केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ को आधुनिक तकनीक, अनुसंधान और नवाचार के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने विशेष रूप से महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में अनुसंधान की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि आधुनिक उद्योगों, स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और उन्नत प्रौद्योगिकियों के विकास में महत्वपूर्ण खनिजों की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
इस क्षेत्र में अनुसंधान, नई तकनीकों के विकास और संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग से देश की तकनीकी एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी।
उच्च शिक्षा, उद्योग और अनुसंधान संस्थानों के बीच मजबूत होगी साझेदारी
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि एनआईटी रायपुर में स्थापित ये केंद्र केवल अनुसंधान प्रयोगशालाएं नहीं, बल्कि भविष्य की संभावनाओं को साकार करने वाले नवाचार केंद्र बनेंगे।
इनके माध्यम से विद्यार्थियों, शोधार्थियों, वैज्ञानिकों और उद्योग जगत को एक साझा मंच मिलेगा। उच्च शिक्षण संस्थानों और उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ने से अनुसंधान आधारित तकनीकों के विकास, व्यावहारिक समस्याओं के समाधान और नए स्टार्टअप की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं जनजातीय स्वास्थ्य के क्षेत्र में नवाचार छत्तीसगढ़ जैसे प्रदेश के लिए विशेष महत्व रखता है। आधुनिक तकनीक और अनुसंधान आधारित समाधान दूरस्थ अंचलों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने में सहायक हो सकते हैं।
इसी प्रकार अंतरिक्ष विज्ञान, एयरोस्पेस, नैनोसाइंस और सतत ऊर्जा के क्षेत्रों में अनुसंधान से प्रदेश के युवाओं को भविष्य की तकनीकों में अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के नए अवसर प्राप्त होंगे।
एनआईटी रायपुर में इन सात सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का हुआ उद्घाटन
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी द्वारा एनआईटी रायपुर में जिन सात अत्याधुनिक अनुसंधान केंद्रों का उद्घाटन किया गया, उनमें शामिल हैं—
- एमईआईटीवाई इंडिया एआई छत्तीसगढ़ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
- सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन क्रिटिकल मिनरल्स
- सेंटर ऑफ स्पेस एंड इंटरप्लेनेटरी एक्सप्लोरेशन
- सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर एयरोस्पेस एंड ऑटोनॉमस टेक्नोलॉजीज
- मैराल सेंटर फॉर इनोवेशन इन रूरल एंड ट्राइबल हेल्थ
- सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन कंप्यूटेशनल मैकेनिक्स
- सेंटर फॉर नैनोसाइंस एंड सस्टेनेबल एनर्जी टेक्नोलॉजीज
छत्तीसगढ़ में अनुसंधान और नवाचार के नए युग की शुरुआत
केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने विश्वास व्यक्त किया कि एनआईटी रायपुर के ये सात सेंटर ऑफ एक्सीलेंस आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के तकनीकी और औद्योगिक विकास को नई गति देंगे।
इन केंद्रों के माध्यम से अत्याधुनिक तकनीकों पर शोध, कौशल विकास, उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप समाधान तथा स्टार्टअप और उद्यमिता की संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा।
साथ ही प्रदेश के युवाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की अनुसंधान गतिविधियों से जुड़ने के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। यहां विकसित होने वाली तकनीकें और अनुसंधान आधारित समाधान न केवल प्रदेश, बल्कि देश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
उन्होंने विद्यार्थियों और युवा शोधार्थियों से नवाचार, वैज्ञानिक सोच और उद्यमिता को अपनाते हुए विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, सीएसआईआर की महानिदेशक डॉ. नल्लाथंबी कलाइसेल्वी, चेयरपर्सन डॉ. सुरेश हावरे, एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. एन. वी. रमन्ना राव सहित विभिन्न संस्थानों के अधिकारी-कर्मचारी, स्टार्टअप संस्थाओं के प्रतिनिधि, शोधार्थी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।