बलौदाबाजार: रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड स्थित शासकीय बीएनबी हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित विकासखंड स्तरीय शालेय प्रवेश उत्सव में राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश ही समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ की सच्ची नींव है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और संस्कारयुक्त शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है, ताकि आने वाली पीढ़ी भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और अनुशासन से जुड़कर एक जिम्मेदार नागरिक बन सके। इसी उद्देश्य से राज्य के विद्यालयों में प्रार्थना, सरस्वती वंदना और श्लोक का समावेश किया गया है।
मंत्री श्री वर्मा ने बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के 11 विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपये की स्वीकृति की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों को सर्वसुविधायुक्त मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। विद्यालयों में बाउंड्री वॉल, शौचालय, शुद्ध पेयजल, विद्युत व्यवस्था और बैठक व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है। साथ ही बीएनबी हायर सेकेंडरी स्कूल परिसर में विद्यार्थियों के सांस्कृतिक और बौद्धिक विकास के लिए आधुनिक एवं भव्य रंगमंच के निर्माण की भी स्वीकृति दी गई है।
अपने संबोधन में मंत्री श्री वर्मा ने पूर्व राष्ट्रपति भारतरत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि “सपने वे नहीं जो हम सोते हुए देखते हैं, सपने तो वे हैं जो हमें सोने नहीं देते।” उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने का आह्वान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “संकल्प से सिद्धि” के मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति और लगातार प्रयास से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
स्वामी विवेकानंद के प्रेरक संदेश “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए” का उल्लेख करते हुए मंत्री ने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने बांध निर्माण में लगे तीन मजदूरों का उदाहरण देते हुए बताया कि कार्य वही होता है, लेकिन सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्ति को महान बनाता है। विद्यार्थियों को भी अपनी पढ़ाई का उद्देश्य तय कर उसी दिशा में पूरी निष्ठा से आगे बढ़ना चाहिए।
मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत शिक्षा को आधुनिक तकनीक के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा, वेद, शास्त्र, रामायण तथा देश की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ा जा रहा है। शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों में नैतिक मूल्य, अनुशासन, विनम्रता और माता-पिता व बुजुर्गों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना भी है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महतारी वंदन योजना, कृषक उन्नति योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से विकास को नई गति दे रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2047 तक भारत के विकसित राष्ट्र बनने के साथ छत्तीसगढ़ भी देश का सबसे समृद्ध और सशक्त राज्य बनेगा।
कार्यक्रम के अंत में नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ पर विद्यार्थियों का तिलक लगाकर और मिठाई खिलाकर स्वागत किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।