जशपुर: वन एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए जशपुर वनमंडल द्वारा शासकीय वनभूमि पर किए जा रहे अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में सन्ना वन परिक्षेत्र के अंतर्गत दो अलग-अलग स्थानों पर अवैध अतिक्रमण हटाकर वनभूमि को पुनः वन विभाग के आधिपत्य में लिया गया। विशेष बात यह रही कि अतिक्रमण मुक्त कराई गई भूमि पर उसी दिन पौधरोपण कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया, ताकि वनभूमि को दोबारा हरित स्वरूप प्रदान किया जा सके।
वन विभाग के अनुसार सन्ना वन परिक्षेत्र के ग्राम सुलेसा स्थित कक्ष क्रमांक पी-107 में लगभग 0.669 हेक्टेयर शासकीय वनभूमि पर अनिल राजवाड़े द्वारा अवैध अतिक्रमण किया जा रहा था। मामले की सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला तत्काल मौके पर पहुंचा और नियमानुसार कार्रवाई करते हुए पूरे अतिक्रमण को हटाकर वनभूमि को मुक्त कराया। कार्रवाई के बाद विभाग ने उसी दिन वहां पौधरोपण अभियान शुरू कर दिया। विभाग का कहना है कि इससे न केवल वनभूमि की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ेगा और जैव विविधता के संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।


इसी प्रकार सन्ना वन परिक्षेत्र के ग्राम चुंदापाठ स्थित कक्ष क्रमांक पी.एफ.-109 के निरीक्षण के दौरान वन अधिकारियों ने पाया कि सूर्यनारायण यादव, पिता जानकी यादव, निवासी चुंदापाठ द्वारा वनभूमि पर अवैध रूप से पत्थरों की घेराबंदी कर ईंटों की जुड़ाई से छपरी का निर्माण किया गया था, जिसमें मवेशी रखे जा रहे थे। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को तत्काल ध्वस्त कर दिया तथा संबंधित व्यक्ति को वनभूमि से बेदखल कर शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वनभूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा, निर्माण अथवा अतिक्रमण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। वन क्षेत्रों की नियमित निगरानी की जा रही है और जहां भी अतिक्रमण की जानकारी मिलेगी, वहां तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य केवल अवैध कब्जे हटाना नहीं, बल्कि मुक्त कराई गई भूमि पर पौधरोपण एवं प्राकृतिक पुनर्जीवन के माध्यम से वनों का संरक्षण और संवर्धन करना भी है।
वन विभाग ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि शासकीय वनभूमि पर किसी प्रकार का अवैध कब्जा या निर्माण न करें। यदि किसी क्षेत्र में वनभूमि पर अतिक्रमण, अवैध कटाई अथवा अन्य वन अपराध की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल निकटतम वन कार्यालय को दें, ताकि समय रहते आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा सके।
वनमंडल जशपुर ने कहा है कि वन संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन तथा शासकीय वनभूमि को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से भविष्य में भी इस प्रकार का अभियान लगातार जारी रहेगा। अतिक्रमण मुक्त कराई गई भूमि पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण कर वन क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी सुनिश्चित हो सके।