अंबिकापुर (सरगुजा), 17 मार्च 2026। सरगुजा संभाग आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संघ प्रतिनिधिमंडल के बैनर तले गांधी चौक स्थित श्री दुर्गा शक्ति पीठ में मंगलवार को दोपहर 11 बजे विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में सरगुजा संभाग के विभिन्न जिलों के संघ प्रमुखों और परियोजना पदाधिकारियों ने एक मंच पर आकर सर्वसम्मति से महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं को एकजुट करने का संकल्प लिया।
बैठक में जशपुर, बलरामपुर, सरगुजा (अंबिकापुर), सूरजपुर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और कोरिया जिलों के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधिमंडल उपस्थित रहे। इस दौरान सभी ने गुटबाजी से ऊपर उठकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं के हक और अधिकार के लिए संयुक्त रूप से आवाज उठाने का निर्णय लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके बाद जशपुर जिले की कार्यकर्ताओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर सभी प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया।
बैठक को संबोधित करते हुए श्रीमती कविता यादव ने कहा कि सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं को एक मंच और एक बैनर के तहत एकजुट होना होगा। उन्होंने कहा कि यदि सभी मिलकर एकजुटता दिखाते हैं तो निश्चित रूप से मांगों की जीत संभव है। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे मुद्दों पर अधिकारियों का दबाव और प्रताड़ना देखने को मिलती है, लेकिन कार्यकर्ताओं को डरने की जरूरत नहीं है, संगठन उनके साथ खड़ा है और हर समस्या का समाधान प्रशासनिक स्तर पर निकालने का प्रयास किया जाएगा।
पुष्पा श्रेजल ने बैठक के दौरान कहा कि अपनी मांगों को लेकर आगे बढ़ने पर अक्सर पदाधिकारियों पर दबाव बनाया जाता है, इसलिए सभी को एकजुटता दिखाते हुए निडर होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना होगा। उन्होंने विभाग द्वारा वितरित की जा रही निम्न गुणवत्ता की साड़ियों को लेकर भी नाराजगी जताई और इसका उठाव नहीं करने की बात कही।
इस दौरान सेवानिवृत्त हो रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं की स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की गई। वक्ताओं ने कहा कि सेवा समाप्ति के बाद उन्हें न तो पेंशन मिलती है और न ही कोई आर्थिक सुरक्षा, जिससे उनका जीवन कठिन हो जाता है। ऐसे में सेवानिवृत्त कार्यकर्ताओं के लिए पेंशन की मांग को प्रमुखता से सरकार के सामने रखने तथा उनके सम्मान में सम्मान समारोह आयोजित करने की बात कही गई।
सरगुजा से श्रीमती भुनेश्वरी सिंह ने कहा कि सभी मतभेद भुलाकर एक मंच पर आना सराहनीय कदम है और इसी एकजुटता के आधार पर सरकार से अपनी मांगों को मनवाने की लड़ाई आगे बढ़ाई जाएगी। वहीं सुचिता मिश्रा ने कहा कि सभी कार्यकर्ताओं का एक साथ मंच पर आना सकारात्मक और ऐतिहासिक निर्णय है।
बैठक में 21 सूत्रीय एजेंडा पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें संगठनात्मक एकजुटता, हड़ताल-धरना कार्यक्रमों में सामूहिक भागीदारी, मासिक वर्चुअल बैठक, संभाग स्तरीय व्हाट्सएप ग्रुप गठन, मीडिया के माध्यम से खबरों का प्रकाशन, मुख्यमंत्री और मंत्रियों से मुलाकात, सेवानिवृत्त कार्यकर्ताओं की सूची तैयार करना, न्यायालय में याचिका दायर करने तथा अन्य राज्यों के आंगनबाड़ी संगठनों से समन्वय स्थापित करने जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे।
—




















