जशपुर: संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी देशभर में व्यापक स्तर पर ‘समरसता संकल्प महाभियान’ शुरू करने जा रही है। इस अभियान के तहत सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और संत रविदास के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से लगभग साढ़े छह माह तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान का शुभारंभ 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर जशपुर सहित पूरे देश में मंदिरों में दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया जाएगा।
इस संबंध में भाजपा के सरगुजा संभाग संगठन प्रभारी अवधेश चंदेल ने जिला भाजपा कार्यालय राधाकांत भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में अभियान की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना, समानता और राष्ट्रीय एकता का जनआंदोलन होगा, जिसमें समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
संत रविदास के विचारों को घर-घर तक पहुंचाने का लक्ष्य
अवधेश चंदेल ने बताया कि भाजपा का उद्देश्य संत गुरु रविदास के समता, सामाजिक न्याय, भाईचारे और मानवता के संदेश को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाना है। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर से लेकर प्रदेश, जिला, मंडल और बूथ स्तर तक समितियों का गठन किया गया है, जो अभियान के प्रत्येक चरण का संचालन करेंगी।
उन्होंने कहा कि संत रविदास ने अपने जीवन और वाणी से समाज को समानता, सद्भाव और जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता का संदेश दिया। भाजपा उन्हीं मूल्यों को समाज तक पहुंचाने के लिए यह अभियान चला रही है।
दीप महोत्सव से होगी अभियान की शुरुआत
अभियान का पहला चरण 29 जुलाई को समरसता दीप महोत्सव के रूप में आयोजित होगा। इस दिन देशभर के प्रमुख मंदिरों में दीप प्रज्ज्वलित कर सामाजिक समरसता का संदेश दिया जाएगा।
जशपुर नगर में अभियान की शुरुआत बालाजी मंदिर में भगवान बालाजी के दीप श्रृंगार एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ होगी। इस अवसर पर भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रहेगी। भाजपा जिला मीडिया प्रभारी फैजान सरवर खान ने बताया कि कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
संत रविदास की जन्मभूमि की पवित्र मिट्टी पहुंचेगी गांव-गांव
अभियान के अंतर्गत कलश वंदन कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इसमें उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित सीर गोवर्धनपुर, जो संत गुरु रविदास की जन्मस्थली है, वहां की पवित्र मिट्टी कलशों में भरकर देशभर के राज्यों, जिलों, मंडलों और गांवों तक पहुंचाई जाएगी।
इन कलश यात्राओं के माध्यम से संत रविदास के जीवन दर्शन और सामाजिक समरसता का संदेश लोगों तक पहुंचाया जाएगा। विभिन्न स्थानों पर भजन-कीर्तन, प्रवचन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और समरसता विषयक गोष्ठियों का आयोजन भी किया जाएगा।
संत संपर्क अभियान के तहत होगा संतों का सम्मान
29 जुलाई से 31 अगस्त तक संत संपर्क अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता संत गुरु रविदास परंपरा से जुड़े संत-महात्माओं सहित विभिन्न धार्मिक परंपराओं के संतों से मुलाकात करेंगे तथा उनका सम्मान करेंगे। अभियान का उद्देश्य विभिन्न धार्मिक परंपराओं के बीच संवाद और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करना है।
निकलेगी समरसता यात्रा
अभियान के अगले चरण में 5 अक्टूबर से 5 नवंबर तक श्री गुरु रविदास महाराज समरसता यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा पंजाब के डेरा सचखंड बल्लां से प्रारंभ होकर वाराणसी स्थित संत रविदास की जन्मस्थली तक पहुंचेगी।
यात्रा के दौरान संत सम्मेलन, सामाजिक समरसता पर संगोष्ठियां, भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और जनसभाओं का आयोजन किया जाएगा। भाजपा का लक्ष्य इस यात्रा के माध्यम से लाखों लोगों को सामाजिक समरसता के संदेश से जोड़ना है।
युवाओं और विद्यार्थियों तक पहुंचेगा अभियान
महाभियान के अंतिम चरण में 26 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक छात्रावास संपर्क अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान विभिन्न छात्रावासों में समरसता संवाद आयोजित किए जाएंगे, जिनमें विद्यार्थियों और युवाओं को संत गुरु रविदास के जीवन, उनके सामाजिक दर्शन, समानता, न्याय और भाईचारे के संदेश से परिचित कराया जाएगा।
कई वरिष्ठ भाजपा नेता रहे मौजूद
पत्रकार वार्ता में जशपुर विधायक रायमुनी भगत, पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, जिला महामंत्री मुकेश शर्मा एवं मनीष अग्रवाल, जिला उपाध्यक्ष उपेन्द्र यादव, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जिला मीडिया प्रभारी फैजान सरवर खान, अनुसूचित जाति मोर्चा जिलाध्यक्ष देवधन नायक, जिला कार्यालय प्रभारी शरद चौरसिया, शहर मंडल अध्यक्ष मुकेश सोनी सहित पार्टी पदाधिकारी एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
भाजपा नेताओं ने कहा कि यह महाभियान सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और संत गुरु रविदास के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का एक व्यापक प्रयास होगा, जिसमें समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।