रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकास शील ने सोमवार को मंत्रालय महानदी भवन में गृह विभाग के अंतर्गत राष्ट्रीय अपराध और अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम (CCTNS) के डैशबोर्ड की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में राज्य के प्रदर्शन की विस्तार से समीक्षा करते हुए कमजोर बिंदुओं की पहचान की गई और उनमें तत्काल सुधार के कड़े निर्देश दिए गए। बैठक में पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा जारी नवीनतम स्टेट स्कोरकार्ड में छत्तीसगढ़ को 100 में से 64.97 अंक प्राप्त हुए हैं। हालांकि राज्य ने ‘प्रशासनिक सुधार’ तथा ‘मेडलीगल रिपोर्ट पोर्टल’ के क्रियान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पूर्ण अंक हासिल किए हैं, लेकिन अन्य बिंदुओं पर सुधार की आवश्यकता जताई गई।
मुख्य सचिव विकास शील ने कानून व्यवस्था को अधिक प्रभावी और डिजिटल पुलिसिंग को मजबूत बनाने के लिए अधिकारियों को जीरो एफआईआर और ई-चार्जशीट व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराधों के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए आधुनिक तकनीकों का अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए।
उन्होंने न्यायालयों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए ‘न्याय श्रुति प्रणाली’ को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। साथ ही लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए सभी प्रकरणों में निर्धारित 60 एवं 90 दिवस की समय-सीमा के भीतर हर हाल में न्यायालय में चालान प्रस्तुत करना सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्य सचिव ने डिजिटल साक्ष्यों के महत्व को रेखांकित करते हुए ई-साक्ष्य (E-Evidence) के उपयोग को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बदलते समय में डिजिटल जांच और तकनीक आधारित साक्ष्य अपराधों के प्रभावी अनुसंधान और दोषियों को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
बैठक में CCTNS डैशबोर्ड के विभिन्न मानकों की समीक्षा करते हुए पुलिस एवं गृह विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी विशेष बल दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जिन बिंदुओं पर राज्य का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर है, उनमें तेजी से सुधार कर राज्य के समग्र स्कोर को बेहतर बनाया जाए।
बैठक में गृह विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सावंत, गृह विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता सहित गृह विभाग, पुलिस मुख्यालय और संबंधित विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।