जशपुर: जिले में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने के लिए कलेक्टर रोहित व्यास ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शिक्षा विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में जश-लर्न कार्यक्रम, स्मार्ट क्लास, ऑनलाइन शिक्षक-विद्यार्थी उपस्थिति, अपार आईडी, साइकिल वितरण और पाठ्यपुस्तक वितरण सहित विभिन्न योजनाओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार, शिक्षा विभाग के अधिकारी, बीईओ, बीआरसीसी, सीएसी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जश-लर्न कार्यक्रम की हुई विस्तृत समीक्षा
बैठक में जिले में संचालित जश-लर्न कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की गई। बेहतर कार्य करने वाले शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा किए, वहीं जश-लर्न टीम ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सुझाव प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले के सभी विकासखंडों में जश-लर्न का समान और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संकुल समन्वयकों से कहा कि वे योजना की नियमित मॉनिटरिंग करें और जिन संकुलों का प्रदर्शन कमजोर है, वहां विशेष प्रयास कर शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाया जाए।
हर पांचवीं का विद्यार्थी भाग करना सीखे, बनेगा साझा लक्ष्य
कलेक्टर रोहित व्यास ने कहा कि प्रारंभिक कक्षाओं में गणित की मजबूत नींव तैयार करना बेहद जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों को दिए गए प्रशिक्षण का फीडबैक लिया और निर्देश दिए कि बीईओ, बीआरसीसी, सीएसी एवं शिक्षक आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने शिक्षा सत्र समाप्त होने तक कक्षा पांचवीं के प्रत्येक विद्यार्थी को भाग (Division) करना आना चाहिए, इसे पूरे जिले का साझा लक्ष्य बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को लगातार प्रोत्साहित किया जाए तथा उनके नवाचारों को अन्य विद्यालयों में भी लागू किया जाए, ताकि सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल सके।
पालकों की भागीदारी से बेहतर होंगे परिणाम
कलेक्टर ने कहा कि बच्चों की शिक्षा केवल विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि इसमें अभिभावकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने शिक्षक-पालक बैठकों का नियमित आयोजन करने तथा पालकों को जश-लर्न की अवधारणा से अवगत कराने के निर्देश दिए। विशेष रूप से गणित में कमजोर विद्यार्थियों को घर पर भी नियमित अभ्यास कराने के लिए अभिभावकों को प्रेरित करने पर जोर दिया।
बैठक में बताया गया कि शिक्षक बच्चों की पढ़ाई की प्रगति को लेकर पालकों से फोन पर लगातार संपर्क बनाए हुए हैं, जिससे सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना की है।
संकुल समन्वयक नियमित करें विद्यालयों का निरीक्षण
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी संकुल समन्वयक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि निरीक्षण केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं होना चाहिए, बल्कि बच्चों के सीखने के स्तर में वास्तविक सुधार लाने का माध्यम बनना चाहिए। उन्होंने जश-लर्न के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
146 विद्यालयों में प्रतिदिन चले स्मार्ट क्लास
एसईसीएल के सहयोग से संचालित स्मार्ट क्लास परियोजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले के 146 विद्यालयों में प्रतिदिन स्मार्ट क्लास का संचालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पाठ्यपुस्तकों के वितरण और उनकी स्कैनिंग की भी समीक्षा करते हुए सभी पात्र विद्यार्थियों तक समय पर पुस्तकें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
साइकिल वितरण, ऑनलाइन उपस्थिति और अपार आईडी पर जोर
बैठक में कलेक्टर ने शासकीय योजना के तहत बालिकाओं के लिए उपलब्ध सभी साइकिलों का शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी शिक्षकों की 100 प्रतिशत ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने तथा विद्यालयों में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने बीईओ और बीआरसीसी को समन्वय बनाकर विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए प्रभावी रणनीति अपनाने के निर्देश दिए। साथ ही चिरायु टीम के माध्यम से सभी बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने और प्रत्येक विद्यार्थी की अपार आईडी (APAAR ID) अनिवार्य रूप से तैयार करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर रोहित व्यास ने कहा कि जिले में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए सभी अधिकारी, शिक्षक और शैक्षणिक समन्वयक टीम भावना के साथ कार्य करें, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी मजबूत बुनियादी शिक्षा प्राप्त कर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सके।