जशपुर: जिले को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में एनकार्ड समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में नशे के विरुद्ध कार्रवाई, निगरानी और जनजागरूकता अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में नशे के खिलाफ सख्त रणनीति पर चर्चा की गई।
कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने निर्देश दिए कि एनडीपीएस एक्ट और कोटपा एक्ट के तहत मादक पदार्थों के अवैध कारोबार तथा उपयोग पर लगातार कार्रवाई की जाए। उन्होंने नशे से प्रभावित लोगों को उपचार के लिए नशा मुक्ति केंद्रों तक पहुंचाने और उन्हें पुनर्वास के लिए प्रेरित करने पर विशेष जोर दिया।
नशा तस्करी पर रहेगा कड़ा शिकंजा
बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए नियमित चेकिंग, निगरानी और जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास गुटखा, तंबाकू एवं अन्य प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने को कहा गया। नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों पर कोटपा एक्ट के साथ-साथ गुमास्ता एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
मेडिकल स्टोर्स और ढाबों की होगी जांच
कलेक्टर ने ड्रग इंस्पेक्टर को मेडिकल स्टोर्स की सघन जांच कर अवैध एवं नशीली दवाइयों की बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश दिए। वहीं आबकारी विभाग को राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख मार्गों पर स्थित होटल-ढाबों में अवैध शराब बिक्री की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
नशामुक्त भारत अभियान को मिलेगा और बल
कलेक्टर श्री व्यास ने समाज कल्याण विभाग को “नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचकर नशे के दुष्परिणामों की जानकारी दी जाए तथा लोगों को नशामुक्ति शपथ लेने के लिए प्रेरित किया जाए।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई केवल प्रशासनिक कार्रवाई से नहीं जीती जा सकती, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी से ही जिले को नशामुक्त और स्वस्थ बनाया जा सकता है। प्रशासन की यह पहल सुरक्षित और जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।