पुलिस स्मृति दिवस पर जशपुर पुलिस ने 56 शहीद परिवारों का किया सम्मान, 154 वीर पुलिसकर्मियों को दी श्रद्धांजलि

जशपुर। देश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और नागरिकों की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर पुलिसकर्मियों की स्मृति में 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया गया। इस अवसर पर जिला मुख्यालय स्थित रक्षित केंद्र जशपुर में गरिमामय एवं भावपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस की टुकड़ी ने शहीदों को सलामी देकर उनके अदम्य साहस, वीरता और कर्तव्यनिष्ठा को नमन किया। कार्यक्रम में देशभर में 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद हुए 154 पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी गई। वहीं, जशपुर जिले के 56 शहीद परिवारों को आमंत्रित कर सम्मानित किया गया।

पुलिस टुकड़ी ने शहीदों को दी सलामी, 154 वीर पुलिसकर्मियों को किया नमन

कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जनपद अध्यक्ष श्री गंगाराम भगत, कलेक्टर जशपुर श्री रोहित व्यास, उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राकेश कुमार पाटनवार, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी जशपुर श्री निमितेश सिंह, उप पुलिस अधीक्षक श्री शुभम तिवारी, श्री विनोद मंडावी, श्रीमती आशा लकड़ा, श्री भावेश कुमार समरथ तथा रक्षित निरीक्षक श्री अमरजीत खूंटे सहित शहीदों के परिजन, पुलिस अधिकारी-कर्मचारी और अन्य नागरिक उपस्थित रहे।

पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित परेड में प्रशिक्षु सूबेदार श्री रविशंकर साहू ने मुख्य कमांडर की भूमिका निभाई। परेड में एक प्लाटून का नेतृत्व छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के पी.सी. दीपक यादव तथा दूसरे प्लाटून का नेतृत्व पीएसआई श्री संदीप चौरसिया ने किया।

पुलिस की टुकड़ी ने देश की सुरक्षा एवं सेवा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले शहीद पुलिसकर्मियों को सलामी दी। इसके बाद 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक देशभर में कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद हुए कुल 154 पुलिसकर्मियों के नामों का स्मरण किया गया।

शहीद स्मारक पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और शहीद परिवारों ने पुष्प अर्पित कर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान वातावरण भावुक एवं श्रद्धापूर्ण रहा। उपस्थित लोगों ने शहीदों के अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण को याद करते हुए उनके सर्वोच्च बलिदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

जिले के 56 शहीद परिवारों को आमंत्रित कर किया गया सम्मानित

कार्यक्रम में जशपुर जिले के कुल 56 शहीद परिवारों को आमंत्रित किया गया। जनप्रतिनिधियों, कलेक्टर एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित उपस्थित अधिकारियों ने शहीदों के परिजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उन्हें सम्मान प्रदान किया।

शहीद परिवारों से संवाद के दौरान अधिकारियों ने कहा कि पुलिस विभाग शहीदों के परिजनों के प्रति अपनी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता को सदैव सर्वोपरि रखता है। देश और समाज की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर पुलिसकर्मियों के परिवारों का सम्मान एवं सहयोग करना सभी का दायित्व है।

अधिकारियों ने परिजनों को आश्वस्त किया कि वे स्वयं को कभी अकेला न समझें। किसी भी प्रकार की पारिवारिक, व्यक्तिगत अथवा आर्थिक समस्या होने पर संबंधित अधिकारियों को अवगत कराएं, ताकि समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक एवं सकारात्मक प्रयास किए जा सकें।

इस संवाद का उद्देश्य शहीद परिवारों को यह विश्वास दिलाना था कि उनके बलिदानी परिजनों की स्मृति पुलिस विभाग के लिए सदैव सम्माननीय है और विभाग उनके परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है।

शहीद परिवारों के प्रति संवेदनशीलता एवं सहयोग का संदेश

पुलिस स्मृति दिवस केवल शहीदों को श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं, बल्कि उनके परिवारों के प्रति सम्मान, संवेदना और उत्तरदायित्व व्यक्त करने का भी दिन है। शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों ने अपने प्रियजनों को खोकर देश की सुरक्षा के लिए अपूरणीय क्षति सहन की है।

इसी भावना के अनुरूप कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने परिजनों के साथ आत्मीय संवाद किया और उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं को गंभीरता से सुना। उन्हें भरोसा दिलाया गया कि पुलिस विभाग उनके सम्मान, सहयोग और कल्याण के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम के पश्चात शहीद परिवारों के लिए पुलिस लाइन में भोजन की व्यवस्था की गई। इसके बाद परिजनों को सम्मानपूर्वक उनके गंतव्य स्थल तक पहुंचाया गया।

क्यों मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस?

प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को पूरे देश में पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। इस दिवस का संबंध 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में हुई घटना से है। उस दौरान चीनी सैनिकों के घात लगाकर किए गए हमले का सामना करते हुए 10 वीर भारतीय पुलिसकर्मियों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी।

उन वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान की स्मृति में 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिवस देशभर में कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद होने वाले सभी पुलिसकर्मियों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है।

पुलिसकर्मी देश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण, नागरिकों की सुरक्षा तथा संकट की परिस्थितियों में आमजन की सहायता के लिए दिन-रात कार्य करते हैं। अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए अनेक पुलिसकर्मी अपने जीवन तक का बलिदान दे देते हैं। पुलिस स्मृति दिवस हमें उनके साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का स्मरण कराता है।

DIG एवं SSP डॉ. लाल उमेद सिंह बोले—शहीदों का बलिदान सदैव प्रेरणा देता रहेगा

उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि शहीद पुलिसकर्मियों ने देश की सुरक्षा में सर्वोच्च बलिदान दिया है। उनकी वीरता, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेंगे। उनकी शहादत हमें अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने तथा नागरिकों की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने की प्रेरणा देती है।

उन्होंने शहीद परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि जशपुर पुलिस शहीदों के परिजनों के साथ सदैव खड़ी है। उनके सम्मान, सहयोग एवं समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे।

पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर जशपुर पुलिस ने राष्ट्र एवं समाज की सुरक्षा में अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी वीर शहीद पुलिसकर्मियों को नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने और कर्तव्यनिष्ठा के साथ जनसेवा करने का संकल्प व्यक्त किया।

वीर शहीद अमर रहें। शहीदों का बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

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