रायपुर, 4 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल का दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर 3.0’ आज से Indian Institute of Management Raipur में प्रारंभ हो रहा है। 4 एवं 5 जुलाई तक चलने वाले इस महत्वपूर्ण आयोजन में विकसित छत्तीसगढ़ के विज़न, सुशासन, नवाचार आधारित प्रशासन और भविष्य की विकास रणनीतियों पर व्यापक मंथन किया जाएगा।
सुशासन एवं अभिसरण विभाग तथा आईआईएम रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी, उत्तरदायी और परिणामोन्मुख बनाना है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि बदलते समय की चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप शासन को निरंतर सीखने, आत्ममूल्यांकन करने और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने की आवश्यकता है। इसी सोच के साथ आयोजित यह शिविर मंत्रिमंडल और विभिन्न क्षेत्रों के राष्ट्रीय विशेषज्ञों के बीच संवाद एवं अनुभव साझा करने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा।
शिविर में कृषि, ग्रामीण विकास, उद्योग, निवेश, पर्यटन, खेल, नवाचार, उभरती प्रौद्योगिकी, सुशासन, संस्थागत सुधार, नेतृत्व विकास और प्रभावी जनसेवा जैसे विषयों पर विस्तृत सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन चर्चाओं के आधार पर शासन की प्राथमिकताओं, विभागीय समन्वय और जनकल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए भावी रणनीति तैयार की जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप स्वयं को निरंतर बेहतर बनाना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण दूरदर्शी नीति, नवाचार, प्रभावी नेतृत्व और विभागों के बीच बेहतर समन्वय से ही संभव है तथा चिंतन शिविर में होने वाला मंथन प्रदेश की विकास यात्रा को नई दिशा देगा।
शिविर के प्रथम दिवस पर आध्यात्मिक गुरु एवं मोटिवेशनल स्पीकर Gaur Gopal Das नेतृत्व और जीवन मूल्यों पर व्याख्यान देंगे। इसके अलावा Abhay Karandikar उभरती प्रौद्योगिकियों की भूमिका तथा Ramesh Chand कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर अपने विचार साझा करेंगे।
दूसरे दिन योग सत्र के साथ कार्यक्रम की शुरुआत होगी। इसके बाद Suman Billa पर्यटन एवं सेवा क्षेत्र, Shashank Mani Tripathi सार्वजनिक नीति एवं विकास, Gagan Narang उत्कृष्टता एवं नेतृत्व तथा Vinay Sahasrabuddhe सुशासन एवं जनकेंद्रित प्रशासन पर अपने अनुभव साझा करेंगे।
चिंतन शिविर का मुख्य उद्देश्य शासन में नवाचार को बढ़ावा देना, विभागों के बीच अभिसरण एवं समन्वय को मजबूत करना, निर्णय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना तथा नागरिक-केंद्रित और परिणाम आधारित प्रशासनिक संस्कृति को प्रोत्साहित करना है। शासन में प्रौद्योगिकी के बेहतर उपयोग और नवाचार आधारित समाधानों पर भी विशेष चर्चा होगी, जिससे प्रदेश के विकास को नई गति मिल सके।