जशपुर: विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी जिला जशपुर द्वारा वशिष्ठ कम्युनिटी हॉल में जिला स्तरीय संगोष्ठी एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारत विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए विस्थापन, हिंसा और पीड़ा झेलने वाले परिवारों के संघर्ष को याद किया गया। प्रदर्शनी के माध्यम से विभाजन की त्रासदी से जुड़े ऐतिहासिक घटनाक्रम और उस दौर की पीड़ा को प्रदर्शित किया गया।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि भारत का विभाजन केवल भौगोलिक सीमाओं का विभाजन नहीं था, बल्कि यह करोड़ों लोगों के जीवन, परिवार, संस्कृति और भावनाओं को प्रभावित करने वाली मानवीय त्रासदी थी। लाखों परिवारों को अपना घर छोड़कर विस्थापित होना पड़ा और असंख्य लोगों ने अपने प्राण गंवाए।
उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पीड़ितों के संघर्ष और बलिदान को याद करने का अवसर है। इतिहास को याद रखना इसलिए आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियां उन परिस्थितियों से सीख लेकर राष्ट्र की एकता, सामाजिक समरसता और अखंडता को और मजबूत करें।
जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत ने कहा कि विभाजन की पीड़ा को भुलाया नहीं जा सकता। यह दिन उन लोगों को श्रद्धांजलि देने का अवसर है, जिन्होंने अपने जीवन की सबसे बड़ी त्रासदी का सामना किया। उन्होंने कहा कि विभाजन के दौरान नफरत और हिंसा के कारण लाखों लोग अपने घरों से उजड़ गए। इतिहास से सीख लेकर समाज में आपसी विश्वास, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करना आवश्यक है।
पूर्व प्रदेश महामंत्री श्री कृष्ण कुमार राय ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस केवल अतीत को याद करने का दिन नहीं, बल्कि इतिहास से सीख लेकर भविष्य को सुरक्षित बनाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि विभाजन के दौरान लाखों भारतीयों ने विस्थापन, हिंसा और कठिन परिस्थितियों का सामना किया। नई पीढ़ी को इन घटनाओं और विस्थापित परिवारों के संघर्ष से परिचित कराना आवश्यक है, ताकि वह राष्ट्र की एकता और सामाजिक सद्भाव के महत्व को समझ सके।
बलरामपुर जिला प्रभारी श्री ओमप्रकाश सिन्हा ने कहा कि नई पीढ़ी को विभाजन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और उस दौर में आम नागरिकों द्वारा झेली गई पीड़ा की जानकारी होना जरूरी है। इतिहास से सीख लेकर वर्तमान और भविष्य को बेहतर बनाने की प्रेरणा प्राप्त की जा सकती है।
भाजपा जिलाध्यक्ष श्री भरत सिंह ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का उद्देश्य किसी के प्रति घृणा पैदा करना नहीं, बल्कि विभाजन के दौरान पीड़ित हुए लोगों की पीड़ा को स्मरण करना और ऐसी परिस्थितियां दोबारा उत्पन्न न हों, इसका संकल्प लेना है। उन्होंने कहा कि विभाजन की पीड़ा को राष्ट्रीय स्मृति का हिस्सा बनाने की दिशा में पहल की गई है।
उन्होंने कहा कि जाति, पंथ और क्षेत्र की संकीर्णताओं से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में एकजुट रहना आवश्यक है। भारत की शक्ति उसकी विविधता में एकता और सामाजिक समरसता में निहित है।
प्रदर्शनी के जरिए दिखाई गई विभाजन की त्रासदी
कार्यक्रम में विभाजन की त्रासदी से संबंधित विशेष प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें विभाजन के दौरान हुए विस्थापन, हिंसा और पीड़ित परिवारों के संघर्ष से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों को प्रदर्शित किया गया। नेताओं, भाजपा कार्यकर्ताओं, गणमान्य नागरिकों एवं विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभाजन के दौरान पीड़ित हुए नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम का संचालन जिला भाजपा महामंत्री श्री मुकेश शर्मा ने किया। उन्होंने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के उद्देश्य एवं कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने विभाजन की पीड़ा को स्मरण करते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनाओं की रक्षा का संकल्प लिया। साथ ही एक मजबूत, एकजुट, समरस और विकसित भारत के निर्माण के लिए कार्य करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में पूर्व जिलाध्यक्ष नरेश नन्दे, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, जिला महामंत्री मनीष अग्रवाल, नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जनपद अध्यक्ष गंगा भगत सहित भाजपा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता, शहर के गणमान्य नागरिक तथा स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।