दुर्ग। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर सरकार की तैयारियां अब जमीनी स्तर पर आगे बढ़ रही हैं। उच्च स्तरीय समिति द्वारा ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया के साथ ही विभिन्न वर्गों और संगठनों से संवाद एवं सुझाव लेने का सिलसिला शुरू किया जा रहा है।
दुर्ग में तीन जिलों के प्रतिनिधियों से होगी चर्चा
8 सितंबर को दोपहर 12 बजे दुर्ग में बैठक आयोजित होगी। इसमें दुर्ग, बालोद और बेमेतरा से जुड़े प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। बैठक में समान नागरिक संहिता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
राजनांदगांव में चार जिलों पर होगा मंथन
9 सितंबर को दोपहर 12 बजे राजनांदगांव में दूसरी बैठक होगी। इसमें राजनांदगांव, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा।
राजनीतिक और सामाजिक संगठनों को भी आमंत्रण
जन-संवाद में राजनीतिक दलों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों, शिक्षाविदों, पद्मश्री सम्मानित व्यक्तियों, निगम-मंडल एवं आयोगों के प्रतिनिधियों सहित समाज के प्रतिष्ठित नागरिकों को आमंत्रित किया गया है।
सुझावों के आधार पर तैयार होगा कानून का प्रारूप
उच्च स्तरीय समिति का प्रयास है कि समान नागरिक संहिता का प्रारूप तैयार करते समय समाज के विभिन्न वर्गों की राय और सुझावों को शामिल किया जाए। प्रस्तावित ड्राफ्ट में कानूनी और सामाजिक दृष्टि से नागरिकों के हितों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर रहेगा।