जशपुरनगर: जिले के विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शैक्षणिक व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में स्कूल शिक्षा विभाग की व्यापक समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने पाठ्यपुस्तकों के वितरण, विद्यार्थियों की अपार आईडी, शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, स्मार्ट क्लास संचालन, जश लर्न कार्यक्रम सहित विभिन्न शैक्षणिक विषयों की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेंद्र सिन्हा, सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और विद्यालयों में बेहतर शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकारी एवं शिक्षक पूरी जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बायोमेट्रिक उपस्थिति नहीं तो वेतन नहीं
कलेक्टर रोहित व्यास ने सभी विद्यालयों में शिक्षकों की शत-प्रतिशत बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति बिना किसी वैध कारण के दर्ज नहीं होगी, उनका वेतन जारी नहीं किया जाएगा। साथ ही शिक्षा अधिकारियों को नियमित निगरानी और निरीक्षण करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यालयों में अनुशासन और जवाबदेही बनी रहे।
हर विद्यालय का नियमित निरीक्षण करें अधिकारी
कलेक्टर ने सभी बीईओ और शिक्षा अधिकारियों को नियमित रूप से विद्यालयों का भ्रमण कर शिक्षण व्यवस्था की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण केवल औपचारिकता न होकर शिक्षण गुणवत्ता, विद्यार्थियों की उपस्थिति और विद्यालय की व्यवस्थाओं का वास्तविक मूल्यांकन होना चाहिए।
पाठ्यपुस्तक वितरण और अपार आईडी में नहीं हो देरी
बैठक में कलेक्टर ने जिन विद्यालयों में अब तक पाठ्यपुस्तकों का वितरण नहीं हो पाया है, वहां तत्काल वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से ही विद्यार्थियों के पास सभी आवश्यक पुस्तकें उपलब्ध होनी चाहिए ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो। इसके साथ ही नवप्रवेशी विद्यार्थियों की अपार आईडी शीघ्र तैयार करने के निर्देश भी दिए।
विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति पर विशेष जोर
कलेक्टर ने विद्यालयों में विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि जो छात्र नियमित रूप से अनुपस्थित रहते हैं, उनके अभिभावकों से संपर्क कर अनुपस्थिति के कारणों की जानकारी ली जाए और उन्हें पुनः विद्यालय से जोड़ने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ना प्रशासन की प्राथमिकता है।
छात्रहितकारी योजनाओं का समयबद्ध लाभ मिले
बैठक में कलेक्टर ने पात्र विद्यार्थियों के जाति प्रमाण-पत्र समय पर बनवाने, सरस्वती साइकिल योजना के तहत पात्र छात्राओं को निर्धारित समय सीमा में साइकिल वितरण पूरा करने तथा अन्य छात्रहितकारी योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
स्मार्ट क्लास का हो प्रभावी उपयोग
कलेक्टर रोहित व्यास ने सभी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास के नियमित और प्रभावी संचालन पर जोर देते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षण से विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता बढ़ती है और पढ़ाई अधिक रोचक बनती है। उन्होंने विद्यालयों में उपलब्ध सभी डिजिटल संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण मिल सके।
जश लर्न कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों की सराहना
बैठक में जिले की अभिनव शैक्षणिक पहल जश लर्न कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। इस दौरान यूथ इंपैक्ट इंडिया के कंट्री हेड श्री रोहन ने कार्यक्रम के संचालन, उपलब्धियों और भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी दी तथा अधिकारियों के प्रश्नों का उत्तर दिया।
कलेक्टर ने जश लर्न कार्यक्रम के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विकासखंडों और शिक्षकों की सराहना की। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कुनकुरी विकासखंड की शिक्षिका श्रीमती अनीता एक्का से संवाद कर उनके कार्य की प्रशंसा की और कहा कि उनका नवाचार एवं समर्पण अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत है।
कलेक्टर ने कहा कि जश लर्न कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उन विद्यार्थियों को जोड़ना है जिन्हें जोड़, घटाव, गुणा और भाग जैसी मूलभूत गणितीय दक्षताओं को समझने में कठिनाई होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि शिक्षकों की प्रतिबद्धता और नवाचारपूर्ण प्रयासों से अधिक से अधिक विद्यार्थी आधारभूत गणितीय दक्षताओं में निपुण बनेंगे, जिससे उनकी आगे की शिक्षा की मजबूत नींव तैयार होगी।