जशपुर। रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले फरसाबहार विकासखंड के पंडरीपानी और आसपास के ग्रामीणों को बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पंडरीपानी में भारतीय स्टेट बैंक की नवीन शाखा एवं भवन का विधिवत शुभारंभ किया। बैंक शाखा शुरू होने के साथ ही क्षेत्र के करीब 60 गांवों के हजारों ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हो गई है। अब लोगों को बैंकिंग कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और घर के नजदीक ही बचत, ऋण, बीमा सहित विभिन्न बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने नई शाखा के शुभारंभ पर क्षेत्रवासियों और भारतीय स्टेट बैंक की पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गांवों तक बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार वित्तीय समावेशन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। बैंक शाखा खुलने से केवल आर्थिक लेन-देन की सुविधा नहीं बढ़ती, बल्कि किसानों, छोटे व्यापारियों, युवाओं, विद्यार्थियों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों के लिए आर्थिक प्रगति के नए अवसर भी तैयार होते हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंडरीपानी और आसपास के ग्रामीणों को अब तक बैंकिंग कार्यों के लिए लगभग पांच किलोमीटर दूर फरसाबहार जाना पड़ता था। नई शाखा खुलने से बोखी, सहसपुर, भगोरा, बनगांव, सीमाबाड़ी, मुंडाडीह और सरईटोली सहित आसपास के करीब 60 गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे ग्रामीणों के समय और संसाधनों की बचत होगी तथा औपचारिक बैंकिंग सेवाओं तक उनकी पहुंच और आसान बनेगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार का प्रयास है कि आधुनिक बैंकिंग सुविधाएं गांवों तक पहुंचें और समाज के अंतिम व्यक्ति को भी औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ा जाए। बैंक शाखा के माध्यम से किसानों को कृषि ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड, छोटे व्यापारियों एवं उद्यमियों को व्यवसाय के लिए ऋण तथा आम नागरिकों को गृह ऋण, वाहन ऋण और शिक्षा ऋण जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिल सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शाखा के औपचारिक शुभारंभ से पहले ही करीब 200 लोगों ने यहां अपने बैंक खाते खुलवा लिए हैं। यह क्षेत्र में बैंकिंग सुविधाओं की आवश्यकता और ग्रामीणों के उत्साह को दर्शाता है।
इस अवसर पर पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित भारतीय स्टेट बैंक के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।