रायगढ़, 2 जून 2026। पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ द्वारा जारी आदेश के तहत रायगढ़ जिले को व्यवहारिक प्रशिक्षण के लिए 18 प्रशिक्षु उप निरीक्षक प्राप्त हुए हैं। सभी प्रशिक्षु उप निरीक्षकों ने पुलिस लाइन रायगढ़ में अपनी आमद दर्ज कराई, जहां उनका वरिष्ठ अधिकारियों से परिचय कराया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि अकादमी प्रशिक्षण के बाद फील्ड प्रशिक्षण पुलिस सेवा का सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है। इसी दौरान अधिकारी वास्तविक परिस्थितियों में कार्य करते हुए अनुभव प्राप्त करते हैं और स्वयं को एक बेहतर पुलिस अधिकारी के रूप में विकसित करते हैं।
एसएसपी ने सभी प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को अपने वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्य करने, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की सीख दी। उन्होंने कहा कि अनुशासन पुलिस विभाग की पहली सीढ़ी है और प्रत्येक अधिकारी को अपने व्यवहार तथा कार्यशैली से विभाग की गरिमा बनाए रखनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा अन्य विभागों से अलग है, क्योंकि यह केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं बल्कि जनसेवा का माध्यम भी है। प्रशिक्षु अधिकारियों को आम जनता के प्रति संवेदनशील, जवाबदेह और सेवाभावी दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए एसएसपी ने कहा कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास कायम रखना हर अधिकारी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा ने भी प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को संबोधित किया। अधिकारियों ने उन्हें व्यवहारिक प्रशिक्षण अवधि का अधिकतम लाभ उठाने, वरिष्ठ अधिकारियों एवं अनुभवी पुलिसकर्मियों से सीखने तथा कानून-व्यवस्था, अपराध विवेचना और पुलिसिंग के विभिन्न पहलुओं को गंभीरता से समझने की सलाह दी।
रक्षित निरीक्षक अमित सिंह द्वारा सभी प्रशिक्षु उप निरीक्षकों का वरिष्ठ अधिकारियों से परिचय कराया गया। वहीं एसएसपी शशि मोहन सिंह ने सभी 18 प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए जिले के विभिन्न थानों एवं इकाइयों में अस्थायी रूप से पदस्थ किया है, जहां वे पुलिसिंग की बारीकियों को सीखेंगे।
अपने संदेश में एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा, “पुलिस सेवा केवल नौकरी नहीं बल्कि जनसेवा का दायित्व है। प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान को फील्ड में व्यवहारिक रूप से लागू करें तथा अनुशासन, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।”