जशपुरनगर, 22 अक्टूबर। जशपुर जिले में महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना आकार लेने लगी है। लगभग 3,147 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के पूरा होने से जिले की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूती मिलने और राजधानी रायपुर तक आवागमन आसान होने की उम्मीद है। प्रस्तावित फोरलेन सड़क से जशपुर से रायपुर की यात्रा लगभग 5 से 6 घंटे में पूरी होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, वास्तविक यात्रा समय सड़क के संबंधित हिस्सों के निर्माण, मार्ग की स्थिति और कनेक्टिविटी पर निर्भर करेगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रयासों से केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को गति मिलने की बात कही गई है। निर्माणाधीन रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 707 किलोमीटर बताई गई है, जिसमें करीब 104 किलोमीटर सड़क जशपुर जिले से होकर गुजरेगी। परियोजना के पूरा होने से रायपुर से धनबाद के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने के साथ जशपुर, पत्थलगांव और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
राजधानी रायपुर पहुंचना होगा आसान
वर्तमान में जशपुर जिले से राजधानी रायपुर पहुंचने में यात्रियों को लंबा समय लगता है। भारतमाला परियोजना के अंतर्गत सड़क संपर्क बेहतर होने से यात्रा समय में कमी आने की उम्मीद है।
परियोजना से संबंधित उपलब्ध जानकारी में यात्रा अवधि को लगभग 14 घंटे से घटाकर 8 से 9 घंटे करने का लक्ष्य बताया गया है। वहीं, जशपुर से रायपुर की यात्रा 5 से 6 घंटे में पूरी होने की संभावना भी जताई जा रही है। यह समय मार्ग के संबंधित हिस्सों के निर्माण और उपलब्ध सड़क संपर्क पर निर्भर करेगा।
बेहतर सड़क संपर्क से जिले के लोगों को राजधानी तक पहुंचने में सुविधा मिल सकती है। इसके साथ ही बिलासपुर, कोरबा और पड़ोसी राज्य झारखंड की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए भी कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
भारतमाला परियोजना का लाभ केवल आवागमन तक सीमित नहीं रहेगा। बेहतर सड़क नेटवर्क से किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने, व्यापारियों को माल परिवहन और आम नागरिकों को स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए बड़े शहरों तक पहुंचने में सुविधा मिल सकती है।
पत्थलगांव और जशपुर क्षेत्र में सड़क संपर्क मजबूत होने से औद्योगिक, व्यावसायिक और पर्यटन गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। बेहतर कनेक्टिविटी से स्थानीय उत्पादों के परिवहन में सुविधा मिलने के साथ आर्थिक गतिविधियों को गति मिल सकती है।
जशपुर जिले में प्राकृतिक पर्यटन स्थलों की उपलब्धता को देखते हुए सड़क संपर्क का विस्तार पर्यटकों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है। आवागमन आसान होने से जिले के पर्यटन स्थलों तक पहुंचने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
आधुनिक सुविधाओं से मजबूत होगा सड़क नेटवर्क
परियोजना के तहत यातायात को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए विभिन्न स्थानों पर अंडरपास, वाहन अंडरपास और वन्यजीवों की आवाजाही के अनुकूल संरचनाओं जैसी सुविधाओं का प्रावधान किया जा रहा है।
इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य सड़क यातायात को सुचारु बनाना, स्थानीय लोगों की आवाजाही को सुविधाजनक करना और वन्यजीवों की सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं का ध्यान रखना है। आधुनिक सड़क संरचनाओं से क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बेहतर होने की उम्मीद है।
जशपुर के विकास को मिलेगी नई गति
किसी भी क्षेत्र के विकास में बेहतर सड़क संपर्क की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। भारतमाला परियोजना के अंतर्गत रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर जशपुर जिले को व्यापक सड़क नेटवर्क से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
परियोजना के संबंधित हिस्सों का निर्माण पूरा होने और सड़क संपर्क बेहतर होने से जिलेवासियों को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार और रोजगार के नए अवसर विकसित होने की संभावनाएं हैं।
तीन साल में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर जोर
जिले में पिछले लगभग तीन वर्षों के दौरान सड़क, रेल और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के प्रयास किए गए हैं। भारतमाला परियोजना के साथ ही जिले में कटनी-गुमला राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य भी तेजी से आगे बढ़ने की बात कही गई है।
इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रयासों से लोहरदगा से धरमजयगढ़ तक रेल लाइन निर्माण को केंद्र सरकार से स्वीकृति मिलने और केंद्रीय गजट में प्रकाशित होने की जानकारी दी गई है। जिलेवासी लंबे समय से इस रेल लाइन की मांग कर रहे थे।
वहीं, जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और स्टेट हाईवे से संबंधित निर्माण कार्य भी जारी हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों को बेहतर संपर्क सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
भारतमाला परियोजना, राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रस्तावित रेल संपर्क के विस्तार से जशपुर जिले की कनेक्टिविटी को व्यापक रूप से मजबूत करने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं का वास्तविक लाभ निर्माण कार्यों की प्रगति, समय पर पूर्णता और प्रभावी संचालन पर निर्भर करेगा।