रायगढ़, 02 जून 2026। खरसिया पुलिस ने लूट की एक वारदात का महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से लूटी गई राशि में से शेष 2,500 रुपये नगद एवं घटना से संबंधित दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम सिंघरा, थाना मालखरौदा जिला सक्ती निवासी संजय सिंह सिदार (30 वर्ष) ने चौकी खरसिया में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 29 मई 2026 को वह शादी के कार्ड लेने और एचडीएफसी बैंक के एटीएम से रुपये निकालने खरसिया आया था। एटीएम से 35 हजार रुपये निकालने के बाद वह शराब भट्टी गया, जहां उसकी मुलाकात छोटू उर्फ विक्की उर्फ विकेश्वर चौहान से हुई।
आरोपी ने प्रार्थी से साथ चलने की बात कही, जिसके बाद संजय सिंह उसे अपनी मोटरसाइकिल में बैठाकर बंधवा तालाब स्थित पीपल पेड़ के पास पहुंचा। वहां पहले से मौजूद द्वारिका चौहान और राहुल सिदार ने मिलकर उसे जान से मारने की धमकी दी और उसके पास रखे 35 हजार रुपये लूट लिए। वारदात के बाद तीनों आरोपी अटल आवास की ओर फरार हो गए।
घटना से भयभीत प्रार्थी घर पहुंचा और परिजनों को पूरी जानकारी दी। इसके बाद चौकी खरसिया में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने अपराध क्रमांक 263/2026 के तहत धारा 309(4) एवं 3(5) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी ने टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की। संदेहियों की पहचान होने के बाद पुलिस ने दबिश देकर छोटू उर्फ विक्की उर्फ विकेश्वर चौहान, द्वारिका चौहान एवं राहुल सिदार को हिरासत में लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने लूट की वारदात स्वीकार कर ली। आरोपियों ने बताया कि लूटी गई 35 हजार रुपये की राशि में से 32,500 रुपये शराब और अन्य खर्चों में खर्च कर दिए गए हैं। पुलिस ने शेष 2,500 रुपये नगद तथा दो मोबाइल फोन बरामद कर जब्त किए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में छोटू उर्फ विक्की उर्फ विकेश्वर चौहान (22 वर्ष) निवासी खंतीपार पुरानी बस्ती खरसिया, द्वारिका चौहान (24 वर्ष) निवासी अटल आवास खरसिया तथा राहुल सिदार (19 वर्ष) निवासी अटल आवास खरसिया शामिल हैं।
इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी त्रिनाथ त्रिपाठी, सहायक उप निरीक्षक उदय सिदार, आरक्षक कीर्ति सिदार, साविल चंद्रा, मुकेश यादव, सोमनाथ पटेल एवं रामभजन राठिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।