जशपुर/ दोकड़ा, 29 जून 2026। ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में स्नान पूर्णिमा का पावन पर्व सोमवार को श्रद्धा, आस्था और भक्ति के अद्भुत वातावरण में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलभद्र एवं माता सुभद्रा का 108 पवित्र कलशों के सुगंधित जल से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भव्य महारण स्नान (महाभिषेक) संपन्न हुआ।
मंदिर परिसर में दिनभर “जय जगन्नाथ” के जयघोष, भजन-कीर्तन और शंखध्वनि से भक्तिमय माहौल बना रहा। महाभिषेक के उपरांत भगवान को दिव्य गजानन वेश धारण कराया गया तथा महाप्रभु को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। भगवान के इस अलौकिक स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। भक्तों ने दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं मंगल की कामना की। कार्यक्रम का समापन महाआरती एवं महाप्रसाद वितरण के साथ हुआ।
15 दिनों तक अनसर काल में रहेंगे महाप्रभु
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार स्नान पूर्णिमा पर 108 कलशों के जल से महाभिषेक के पश्चात भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलभद्र एवं माता सुभद्रा 15 दिनों तक ‘अनसर काल’ में रहेंगे। मान्यता है कि महाभिषेक के बाद भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं, इसलिए इस अवधि में वे विश्राम करते हैं और श्रद्धालुओं को प्रत्यक्ष दर्शन नहीं देते।
इस दौरान विशेष सेवा-पूजा एवं औषधीय उपचार की परंपरा का पालन किया जाएगा। अनसर काल पूर्ण होने के बाद महाप्रभु नवयौवन वेश में भक्तों को दर्शन देंगे, जिसके पश्चात क्षेत्र के बहुप्रतीक्षित भव्य रथयात्रा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
श्री जगन्नाथ मंदिर समिति ने स्नान पूर्णिमा महोत्सव के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, सेवायतों, स्वयंसेवकों एवं आयोजन से जुड़े सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।