जशपुरनगर, 29 जून 2026। जिला शिक्षा विभाग ने कक्षा 5वीं एवं 8वीं बोर्ड परीक्षा की अंकसूचियों को लेकर प्राप्त शिकायतों पर अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा है कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की गईं।
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित होने के पश्चात विद्यार्थियों के प्रवेश, अध्ययन-अध्यापन एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियाँ प्रभावित न हों, इसके लिए विभाग द्वारा उपलब्ध डिजिटल परिणामों के आधार पर अस्थायी अंक विवरण उपलब्ध कराया गया था। यह केवल एक अंतरिम प्रशासनिक व्यवस्था थी, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को समय पर आवश्यक शैक्षणिक दस्तावेज उपलब्ध कराना था।
उन्होंने बताया कि तकनीकी एवं मुद्रण संबंधी कारणों से मूल अंकतालिकाओं के वितरण में कुछ विलंब हुआ था। विभाग ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की और 15 जून 2026 को कक्षा 5वीं एवं 8वीं बोर्ड परीक्षा की मूल अंकसूचियाँ संबंधित विद्यालयों को उपलब्ध करा दी गईं।
जिला शिक्षा अधिकारी ने शिकायतों में लगाए गए इस आरोप का भी खंडन किया कि शिक्षक पढ़ाई छोड़कर केवल मार्कशीट तैयार करने में लगे रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के प्रथम दिवस से ही जिले के सभी विद्यालयों में नियमित रूप से अध्ययन-अध्यापन संचालित होता रहा। शिक्षकों ने विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित किए बिना अतिरिक्त प्रशासनिक दायित्वों का भी सफलतापूर्वक निर्वहन किया।
उन्होंने बताया कि जिला एवं विकासखंड स्तर पर पूरे प्रकरण की सतत निगरानी की गई तथा मूल अंकतालिकाएँ प्राप्त होते ही उन्हें संबंधित विद्यालयों तक पहुँचाने की कार्रवाई सुनिश्चित की गई। साथ ही सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों एवं विद्यालयों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि अंकसूची के अभाव में किसी भी विद्यार्थी का प्रवेश बाधित नहीं होना चाहिए।
आवश्यकता पड़ने पर विद्यार्थियों को प्रमाणित अंक विवरण भी उपलब्ध कराए गए, जिससे उनके प्रवेश एवं शैक्षणिक गतिविधियों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। जिला शिक्षा विभाग ने कहा है कि विद्यार्थियों के हितों की रक्षा और उनकी शिक्षा की निरंतरता बनाए रखना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जाता रहेगा।