जशपुर, 29 जून 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय आजीविका को सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक आस्था और जनजातीय संस्कृति से समृद्ध जशपुर जिला आज प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान स्थापित कर रहा है।
घने जंगलों, कल-कल बहती नदियों, मनोरम पहाड़ियों, आकर्षक जलप्रपातों और समृद्ध आदिवासी संस्कृति से परिपूर्ण जशपुर प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। महानगरों की भागदौड़ और तनावपूर्ण जीवन से दूर शांति और सुकून की तलाश में आने वाले पर्यटकों को यह जिला सहज ही अपनी ओर आकर्षित करता है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता, स्वच्छ वातावरण और ग्रामीण जीवन की सादगी पर्यटकों को एक अनूठा अनुभव प्रदान करती है।
प्राकृतिक सौंदर्य और रोमांच का अद्भुत संगम
जशपुर जिले में अनेक ऐसे पर्यटन स्थल हैं, जो अपनी विशिष्ट पहचान और प्राकृतिक आकर्षण के कारण पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हैं। जिले के दनगरी जलप्रपात, रानीदाह जलप्रपात, राजपुरी जलप्रपात, मयाली नेचर कैम्प, खुड़िया रानी गुफा, कैलाश गुफा, कोतेबिरा, दमेरा चाय बगान तथा मधेश्वर पहाड़ जैसे स्थल हर वर्ष हजारों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।
कैलाश गुफा: आध्यात्मिक शांति का केंद्र
बगीचा विकासखंड के घने वनों के बीच स्थित कैलाश गुफा प्रकृति और अध्यात्म का अद्भुत संगम प्रस्तुत करती है। यहां भगवान शिव का प्राचीन मंदिर तथा संत गहिरा गुरु का आश्रम स्थित है। प्राकृतिक रूप से निर्मित यह गुफा श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आध्यात्मिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव कराती है।
रानीदाह जलप्रपात: प्रकृति की गोद में सुकून
जशपुर मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित रानीदाह जलप्रपात अपनी मनमोहक प्राकृतिक छटा के लिए प्रसिद्ध है। चारों ओर फैली हरियाली, पहाड़ियां और जंगल इस स्थल को पिकनिक एवं प्रकृति अवलोकन के लिए आदर्श बनाते हैं।
राजपुरी जलप्रपात: मन मोह लेने वाला प्राकृतिक आकर्षण
बगीचा विकासखंड का राजपुरी जलप्रपात अपने मनोहारी दृश्य और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण पर्यटकों का पसंदीदा स्थल बन चुका है। वर्षा ऋतु में इसकी खूबसूरती और भी बढ़ जाती है।
मयाली नेचर कैम्प: रोमांच और प्रकृति का अनूठा अनुभव
कुनकुरी विकासखंड स्थित मयाली नेचर कैम्प एडवेंचर और प्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। यहां पर्यटक बोटिंग के साथ-साथ प्राकृतिक दृश्यों का आनंद लेते हैं। शांत वातावरण और सुंदर जलाशय इस स्थल को पर्यटन की दृष्टि से विशेष बनाते हैं।
मधेश्वर पहाड़: विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग
कुनकुरी विकासखंड के मयाली क्षेत्र में स्थित मधेश्वर पहाड़ जशपुर की सबसे विशिष्ट पहचान बन चुका है। शिवलिंग के आकार में दिखाई देने वाले इस विशाल प्राकृतिक पर्वत को विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग के रूप में मान्यता प्राप्त है तथा इसका नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया जा चुका है। यह स्थल धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कोतेबिरा: प्रकृति का शांत और मनोरम स्वरूप
फरसाबहार विकासखंड में ईब नदी के तट पर स्थित कोतेबिरा अपनी आकर्षक चट्टानों, शांत वातावरण और सुंदर पहाड़ी श्रृंखलाओं के लिए प्रसिद्ध है। प्रकृति के बीच समय बिताने के इच्छुक पर्यटकों के लिए यह स्थान विशेष आकर्षण रखता है।
खुड़िया रानी गुफा: इतिहास और आस्था का संगम
बगीचा विकासखंड में स्थित खुड़िया रानी गुफा ऐतिहासिक, धार्मिक और पुरातात्विक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है। प्राकृतिक संरचना और स्थानीय मान्यताओं के कारण यह पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं के बीच लोकप्रिय है।
पर्यटकों के लिए सुगम पहुंच
जशपुर सड़क मार्ग से प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। निकटतम रेलवे स्टेशन झारखंड की राजधानी रांची तथा ओडिशा का झारसुगुड़ा है। वहीं निकटतम हवाई अड्डों में रांची स्थित बिरसा मुंडा एयरपोर्ट और झारसुगुड़ा एयरपोर्ट प्रमुख हैं।
रांची से जशपुर लगभग तीन घंटे तथा झारसुगुड़ा से भी लगभग तीन घंटे की सड़क यात्रा कर आसानी से पहुंचा जा सकता है। इसके अतिरिक्त रायगढ़, अंबिकापुर, बिलासपुर और रायपुर से भी सड़क मार्ग द्वारा जशपुर तक सुविधाजनक पहुंच उपलब्ध है।
ग्रामीण पर्यटन को मिल रहा नया आयाम
जिला प्रशासन द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न नवाचार किए जा रहे हैं। जिले में पांच होमस्टे स्थापित किए गए हैं, जहां स्थानीय ग्रामीणों को होमस्टे संचालन, आतिथ्य प्रबंधन और पर्यटक सेवा का प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इससे न केवल पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिल रहा है, बल्कि ग्रामीणों की आय में भी वृद्धि हो रही है।
विशेष रूप से केरे गांव को एक आकर्षक और भरोसेमंद ग्रामीण पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने में जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यहां पर्यटकों को ग्रामीण जीवन, पारंपरिक संस्कृति और प्राकृतिक वातावरण का वास्तविक अनुभव प्राप्त होता है।
पर्यटन और विकास का नया अध्याय
प्राकृतिक संपदा, धार्मिक आस्था, जनजातीय संस्कृति और प्रशासनिक प्रयासों के समन्वय से जशपुर आज छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर तेजी से उभर रहा है। यहां आने वाला प्रत्येक पर्यटक प्रकृति की गोद में शांति, रोमांच और आध्यात्मिक अनुभूति का अनमोल अनुभव लेकर लौटता है। यही कारण है कि जशपुर अब केवल एक जिला नहीं, बल्कि प्रकृति और संस्कृति के अद्भुत संगम के रूप में देशभर के पर्यटकों की पहली पसंद बनता जा रहा है।