रायपुर, 05 जुलाई 2026। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा मिली है और ‘सहकार से समृद्धि’ का संकल्प तेजी से साकार हो रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम में आयोजित राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन एवं सहकारी सप्ताह कार्यक्रम में जशपुर जिले के वन धन विकास केंद्र पंचक्की की महिला स्व-सहायता समूह को उत्कृष्ट कार्यों के लिए सहकार प्रेरणा सम्मान से सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार सहकारिता के माध्यम से किसानों, वनवासियों, महिला समूहों और ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अब सीधे ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच रहा है।
जशपुर जिले में वन विभाग के अंतर्गत संचालित वन धन विकास केंद्र पंचक्की आज महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का सफल उदाहरण बनकर उभरा है। यहां अनंत स्व-सहायता समूह की 10 महिलाएं मिलकर विभिन्न औषधीय उत्पादों का निर्माण कर रही हैं। समूह द्वारा च्यवनप्राश सहित कई उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार किए जाते हैं, जिनकी आपूर्ति आयुष विभाग समेत अन्य संस्थाओं और उपभोक्ताओं को की जाती है।
महिलाओं की मेहनत और गुणवत्ता का परिणाम यह रहा कि वर्ष 2024-25 के दौरान समूह ने लगभग 36 लाख रुपये के उत्पादों का विक्रय किया। उत्कृष्ट कार्य और आर्थिक उपलब्धियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने समूह को सहकार पुरस्कार एवं लाभांश राशि प्रदान कर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सहकारिता क्षेत्र को नई ऊर्जा मिली है। कृषि के साथ-साथ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, वनोपज, मत्स्य पालन और ग्रामीण उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में भी सहकारिता को मजबूत किया जा रहा है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में भी सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं।
उन्होंने बताया कि 29 जून से 06 जुलाई तक सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पिछले दो वर्षों में छत्तीसगढ़ में सहकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हुई हैं और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश की कोई भी पंचायत सहकारिता से वंचित न रहे, इस उद्देश्य से राज्य में 1352 नई सहकारी समितियों का गठन किया गया है।
पंचक्की वन धन केंद्र की महिलाओं को मिला यह सम्मान न केवल जशपुर जिले बल्कि पूरे प्रदेश की महिला स्व-सहायता समूहों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह सफलता दर्शाती है कि संगठित प्रयास, सहकारिता और सरकारी सहयोग से ग्रामीण महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती हैं।