रायगढ़: 9 माह बाद सकुशल मिली नाबालिग, शादी का झांसा देकर भगाने वाला आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़, 05 जुलाई 2026। रायगढ़ पुलिस द्वारा संचालित “अभियान संवेदना” के तहत थाना पूंजीपथरा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लगभग नौ माह से लापता 17 वर्षीय नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद करते हुए उसे बहला-फुसलाकर भगाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 28 सितंबर 2025 को बालिका के पिता ने थाना पूंजीपथरा में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी 17 वर्षीय पुत्री 21 सितंबर 2025 को कपड़ा सिलाई कराने जाने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन के बावजूद उसका कोई पता नहीं चलने पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।

विवेचना के दौरान पुलिस टीम लगातार बालिका और संदेही की तलाश में जुटी रही। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम मनपसार निवासी राजेश कुमार बंजारे बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। सूचना के आधार पर पुलिस ने लगातार पतासाजी जारी रखी।

04 जुलाई 2026 को मिली सूचना पर उप निरीक्षक दिलीप बेहरा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ग्राम मनपसार स्थित आरोपी के घर में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान बालिका को सकुशल बरामद कर आरोपी राजेश कुमार बंजारे (30 वर्ष) को हिरासत में लिया गया।

बालिका के कथन के अनुसार आरोपी से उसकी पहचान वर्ष 2025 में घर के सामने निर्माणाधीन मकान में मजदूरी के दौरान हुई थी। आरोपी ने प्रेम और शादी का झांसा देकर उसे सारंगढ़ बुलाया और अपने साथ ले गया। जांच एवं वैधानिक प्रक्रिया के दौरान प्राप्त तथ्यों के आधार पर प्रकरण में अपहरण, यौन अपराधों से संबंधित धाराएं तथा पॉक्सो एक्ट की प्रासंगिक धाराएं जोड़ी गईं।

पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। वहीं बालिका को नियमानुसार परिजनों के सुपुर्द करने की प्रक्रिया पूरी की गई।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन तथा डीएसपी श्री सुशांतो बनर्जी के पर्यवेक्षण में की गई इस कार्रवाई में थाना प्रभारी पूंजीपथरा निरीक्षक रामकिंकर यादव, उप निरीक्षक दिलीप बेहरा, उप निरीक्षक संध्या रानी कोका, प्रशिक्षु उप निरीक्षक मनीष पोया सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

इस अवसर पर एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने कहा कि गुम बालक-बालिकाओं की सुरक्षित बरामदगी रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। “अभियान संवेदना” के तहत बच्चों को बहला-फुसलाकर ले जाने वाले आरोपियों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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