रायगढ़: बैंक से रकम निकालने वालों को बनाता था निशाना, 2.44 लाख की उठाईगिरी का मास्टरमाइंड विशाल नट गिरफ्तार

रायगढ़, 05 जुलाई 2026। रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में बैंक और सार्वजनिक स्थानों पर लगातार उठाईगिरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले गिरोह के फरार मास्टरमाइंड हरि उर्फ विशाल नट को तमनार पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी ने अपने साथी धर्मेन्द्र नट के साथ मिलकर तीन अलग-अलग वारदातों में कुल 2 लाख 44 हजार रुपये की उठाईगिरी की थी।

पुलिस के अनुसार आरोपी हरि उर्फ विशाल नट वर्तमान में जिला कोरिया के एक अन्य मामले में जिला जेल बैकुंठपुर में निरुद्ध था। तमनार पुलिस ने न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त कर उसे गिरफ्तार किया और पूछताछ के लिए थाना तमनार लाया गया।

जांच में सामने आया कि 09 अप्रैल 2026 को ग्राम झरना निवासी गोसाई राम राठिया के बैंक से निकाले गए 20 हजार रुपये, 14 मई 2026 को ग्राम सराईपाली निवासी रहंसराम खम्हारे के 24 हजार रुपये तथा 08 जून 2026 को ग्राम गौरबहरी निवासी लोकेश्वर पटेल की मोटरसाइकिल की डिक्की से 2 लाख रुपये चोरी करने की घटनाओं में आरोपी की संलिप्तता थी। तीनों मामलों में तमनार थाना में अलग-अलग अपराध दर्ज कर विवेचना की जा रही थी।

लगातार हो रही उठाईगिरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव के नेतृत्व में पुलिस ने बैंक और आसपास के सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण किया। तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर संदेह हरि उर्फ विशाल नट और उसके साथी धर्मेन्द्र नट पर गया।

पुलिस ने 19 जून 2026 को धर्मेन्द्र नट को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने अपने साथी विशाल नट के साथ मिलकर तीनों वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त टीवीएस अपाचे मोटरसाइकिल, चोरी की रकम से खरीदी गई दूसरी नई अपाचे बाइक तथा डिक्की तोड़ने में उपयोग किए गए लोहे के औजार बरामद किए गए थे।

मुख्य आरोपी हरि उर्फ विशाल नट (41 वर्ष), निवासी ग्राम गाला, थाना पत्थलगांव, जिला जशपुर से पूछताछ में उसने भी तीनों घटनाओं में अपनी भूमिका स्वीकार की। आरोपी ने बताया कि चोरी की रकम का अपने साथी के साथ बंटवारा कर अधिकांश राशि जुआ खेलने और अन्य खर्चों में उड़ा दी गई।

आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे पुनः न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

तीनों मामलों का सफल खुलासा करने तथा दोनों आरोपियों तक पहुंचने में थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव, प्रधान आरक्षक बनारसी सिदार, हेम प्रकाश सोन एवं आरक्षक पुष्पेन्द्र सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। यह कार्रवाई तमनार पुलिस की सतर्कता और अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई का एक बड़ा उदाहरण मानी जा रही है।

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