जशपुरनगर, 07 जुलाई 2026। जिले में मत्स्य पालन को प्रोत्साहित करने और मत्स्य उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से मछली पालन विभाग द्वारा मत्स्य बीज उत्पादन कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। विभाग को वर्ष 2026-27 के लिए 1000 लाख स्पॉन उत्पादन का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसके विरुद्ध अब तक 80 लाख स्पॉन का उत्पादन किया जा चुका है। वहीं 140 लाख स्टैंड फाई उत्पादन का कार्य प्रगति पर है।
मछली पालन विभाग द्वारा अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग के हितग्राहियों को विशेष लाभ प्रदान किया जा रहा है। विभाग ने जिले के चयनित 20 अनुसूचित जनजाति तथा 5 अनुसूचित जाति हितग्राहियों को मौसमी तालाबों में स्पॉन संवर्धन योजना के अंतर्गत निःशुल्क मत्स्य बीज स्पॉन, सरसों खली एवं जाल उपलब्ध कराया है, जिससे मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा मिल सके।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र बधिमा, जशपुर में स्पॉन 650 रुपये प्रति लाख की दर से उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं स्टैंड फाई एवं फिंगरलिंग पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। इसके तहत 4,000 रुपये मूल्य के मत्स्य बीज पर हितग्राहियों को 2,000 रुपये की छूट प्रदान की जाएगी।
जिले के विभिन्न मत्स्य बीज प्रक्षेत्रों में मत्स्य कृषकों को स्टैंड फाई एवं फिंगरलिंग का वितरण और विक्रय किया जा रहा है। इनमें बधिमा, मटासी, पालीडीह तथा कुरोंग स्थित शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र शामिल हैं।
मत्स्य बीज प्राप्त करने के इच्छुक मत्स्य कृषक संबंधित क्षेत्र के मत्स्य अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। विभाग का उद्देश्य जिले में मत्स्य पालन को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करना तथा ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि करना है।