जशपुरनगर: कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कृषि एवं राजस्व विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक लेकर विभागीय योजनाओं और लंबित प्रकरणों की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया। बैठक में उन्होंने एग्रीस्टेक पोर्टल पर किसानों के ऑनलाइन पंजीयन, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), राजस्व प्रकरणों के निराकरण तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर कलेक्टर श्री प्रदीप साहू, सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
एग्रीस्टेक पोर्टल पर हर किसान का हो पंजीयन
कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर रोहित व्यास ने एग्रीस्टेक पोर्टल पर किसानों के ऑनलाइन पंजीयन कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत किसान पंजीयन सुनिश्चित करें, ताकि किसान शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकें।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पंजीयन के दौरान सामने आने वाले संदिग्ध प्रकरणों की गंभीरता से जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए।
हर पात्र किसान को मिले किसान क्रेडिट कार्ड
कलेक्टर ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के सभी पात्र किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र किसान इस महत्वपूर्ण सुविधा से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए कृषि विभाग और संबंधित बैंक समन्वय बनाकर अभियान चलाएं तथा पात्र हितग्राहियों का समय पर केसीसी तैयार कराया जाए।
आवासहीन परिवारों के पट्टा सर्वे में तेजी लाने के निर्देश
राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ नगरीय क्षेत्रों के आवासहीन व्यक्ति को पट्टाधृति अधिकार नियम, 2023 के अंतर्गत नगरीय निकायों में चल रहे सर्वे कार्य की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र हितग्राहियों का नियमानुसार परीक्षण कर निर्धारित समय-सीमा में सर्वे एवं अन्य सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जाएं, ताकि पात्र परिवारों को शीघ्र पट्टाधृति अधिकार का लाभ मिल सके।
लंबित राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर जोर
बैठक में कलेक्टर ने आधार एवं मोबाइल नंबर अद्यतन, किसान किताब प्रविष्टि, अविवादित एवं फौती नामांतरण, नक्शा अद्यतन, बटांकन, सीमांकन, ई-नामांतरण, स्वामित्व योजना, अभिलेख दुरुस्तीकरण, अभिलेख शुद्धता, व्यपवर्तन तथा राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की।
उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण का नियमानुसार, गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण आम नागरिकों को समय पर न्याय और राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक है।
पीड़ितों को समय पर मिले आर्थिक सहायता
कलेक्टर रोहित व्यास ने राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) खंड 6-4 के अंतर्गत लंबित प्रकरणों एवं पीड़ित क्षतिपूर्ति राशि से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित परिवारों एवं पीड़ितों को समय पर आर्थिक सहायता एवं मुआवजा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सभी अधिकारी इन मामलों का संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें।
बैठक के अंत में कलेक्टर ने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है। इसके लिए सभी विभाग समन्वय बनाकर कार्य करें तथा समय-सीमा के भीतर सभी लक्ष्यों को पूर्ण करते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करें।