भू-स्खलन के बाद मार्ग के दोनों ओर आवागमन रोका, वैकल्पिक रास्ते से श्रद्धालुओं और आम लोगों की आवाजाही जारी
जशपुर। कैलाश गुफा मार्ग की सड़क धंसने और हजारों श्रद्धालुओं की आवाजाही को लेकर प्रकाशित खबर “कैलाश गुफा मार्ग की सड़क धंसी, हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने से पहले चिंता” के संबंध में लोक निर्माण विभाग (भ/स) संभाग जशपुर ने स्पष्टीकरण जारी किया है। विभाग ने मार्ग के क्षतिग्रस्त होने का कारण भारी वर्षा और समीप स्थित तालाब से पानी का रिसाव बताया है।
कार्यपालन अभियंता ने जानकारी देते हुए बताया कि गायबुढ़ा-कैलाश मार्ग का निर्माण वर्ष 2018-19 में कराया गया था, जिसका कार्य अनुबंध के अनुसार 8 मई 2022 को पूर्ण हो चुका था। संबंधित कार्य की पीजी अवधि 36 माह निर्धारित थी, जो अब पूर्ण हो चुकी है।
विभाग के अनुसार मार्ग निर्माण के दौरान कि.मी. 1/10 यू/एस (आर/एस) क्षेत्र में कोई तालाब मौजूद नहीं था। वर्तमान में मार्ग के दाहिनी ओर एक बड़े तालाब का निर्माण किया गया है। विगत दिनों हुई भारी बारिश से तालाब में पानी भर गया और पानी के रिसाव से मार्ग की निचली सतह प्रभावित हो गई।
पानी के लगातार रिसाव के कारण मार्ग के राइट साइड में प्राकृतिक कारणों से भू-स्खलन की स्थिति निर्मित हुई है, जिससे सड़क का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।
सुरक्षा के लिए दोनों ओर से रोका गया आवागमन
जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लोक निर्माण विभाग ने क्षतिग्रस्त स्थल के दोनों ओर से आवागमन तत्काल बंद कर दिया है। साथ ही लोगों को दुर्घटना से बचाने के लिए दोनों ओर सुरक्षा संकेतक पट्ट भी लगाए गए हैं।
विभाग ने बताया कि वर्तमान में आम लोगों और श्रद्धालुओं की आवाजाही लोक निर्माण विभाग के दूसरे वैकल्पिक मार्ग से सुचारू रूप से कराई जा रही है।
FDR के तहत तैयार हो रहा मरम्मत का प्राक्कलन
क्षतिग्रस्त हिस्से के स्थायी सुधार और मरम्मत के लिए विभाग द्वारा एफडीआर (FDR) के अंतर्गत प्राक्कलन तैयार किया जा रहा है। प्राक्कलन तैयार होने के बाद शीघ्र मरम्मत कार्य शुरू करने के लिए अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
कैलाश गुफा क्षेत्र धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है। ऐसे में विभाग द्वारा जनसुरक्षा के साथ-साथ वैकल्पिक मार्ग से आवागमन बनाए रखने की व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी न हो।
