बस्तर संभाग में दूरस्थ और अंदरूनी क्षेत्रों तक शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के लिए ‘नियद नेल्लानार’ के तहत लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अभियान के तहत संभाग के 6 जिलों के 97 प्रतिशत ग्रामों में प्राथमिक शालाओं की पहुंच सुनिश्चित की गई है।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अब तक 13,817 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है। वहीं बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और स्थानीय स्तर पर शैक्षणिक गतिविधियों में सहयोग के लिए 573 शिक्षा दूतों की तैनाती की गई है।
बंद विद्यालयों को फिर किया गया शुरू
दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा की सुविधा बढ़ाने के लिए बंद पड़े विद्यालयों को पुनः संचालित करने पर भी विशेष जोर दिया गया है। इसके तहत 48 बंद विद्यालयों को फिर से खोला गया, जबकि 36 नवीन विद्यालय शुरू किए गए हैं।
इन प्रयासों से उन क्षेत्रों के बच्चों को अपने गांव और आसपास ही प्राथमिक शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिली है, जहां पहले विद्यालयों की पहुंच एक बड़ी चुनौती थी।
शिक्षा की रोशनी को हर बच्चे तक पहुंचाने का संकल्प
‘नियद नेल्लानार’ के माध्यम से बस्तर के दूरस्थ और अंदरूनी क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ शिक्षकों की उपलब्धता और स्थानीय स्तर पर शैक्षणिक सहयोग को बढ़ाया जा रहा है।
सुशासन सरकार का लक्ष्य बस्तर के हर गांव और हर बच्चे तक शिक्षा की रोशनी पहुंचाना है। इसके लिए विद्यालयों की पहुंच बढ़ाने, शिक्षकों को प्रशिक्षित करने और शिक्षा दूतों की तैनाती जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।