रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रयासों से जशपुर जिले में सड़क अधोसंरचना के विकास को गति मिल रही है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना के अंतर्गत विकसित किया जा रहा रायपुर–धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर जिले में आकार ले रहा है। जशपुर जिले में इस परियोजना पर लगभग 3,147 करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है। इससे रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों और पड़ोसी राज्यों के साथ सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। बेहतर सड़क सुविधाओं से व्यापार, पर्यटन, कृषि और रोजगार के क्षेत्र में नए अवसर सृजित होने की संभावना है।
यह आर्थिक कॉरिडोर लगभग 707 किलोमीटर लंबा होगा, जिसमें करीब 104 किलोमीटर का हिस्सा जशपुर जिले से होकर गुजरेगा। चार लेन वाली सड़क से जशपुर, पत्थलगांव और आसपास के क्षेत्रों को व्यापक परिवहन नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिलेगी। इससे रायपुर से धनबाद के बीच आवागमन अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है। साथ ही छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर, ऊर्जा नगरी कोरबा और पड़ोसी राज्य झारखंड तक सड़क संपर्क भी बेहतर होगा।
रायपुर पहुंचना होगा आसान, यात्रा के समय में आएगी कमी
रायपुर–धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर के निर्माण से जशपुर जिले के लोगों के लिए राजधानी रायपुर तक आवागमन अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है। वर्तमान में सड़क की सीमित क्षमता और यातायात संबंधी समस्याओं के कारण रायपुर पहुंचने में काफी समय लग जाता है। प्रस्तावित फोरलेन मार्ग के निर्माण और बेहतर यातायात व्यवस्था से यात्रा के समय में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है।
परियोजना से संबंधित उपलब्ध जानकारी के अनुसार, संबंधित मार्गों पर यात्रा का समय वर्तमान में लगभग 14 घंटे से घटकर आठ से नौ घंटे तक हो सकता है। वहीं, भविष्य में जशपुर से रायपुर की यात्रा लगभग पांच से छह घंटे में पूरी होने की उम्मीद है। हालांकि, वास्तविक यात्रा अवधि मार्ग की उपलब्धता, यातायात की स्थिति और परियोजना के पूरी तरह चालू होने पर निर्भर करेगी।
बेहतर सड़क संपर्क से जिले के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, उच्च शिक्षा, व्यापार और प्रशासनिक कार्यों के लिए रायपुर सहित अन्य प्रमुख शहरों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।
व्यापार, कृषि और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
रायपुर–धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर से जशपुर जिले की आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क नेटवर्क के माध्यम से किसान अपनी उपज को बड़े बाजारों तक अधिक आसानी से पहुंचा सकेंगे। बागवानी फसलों, सब्जियों और अन्य कृषि उत्पादों के परिवहन में लगने वाला समय कम होने से किसानों और व्यापारियों दोनों को लाभ मिल सकता है।
जशपुर जिले में कृषि, वनोपज, हस्तशिल्प और ग्रामीण आजीविका से जुड़ी गतिविधियों की अच्छी संभावनाएं हैं। बेहतर कनेक्टिविटी से स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने, व्यावसायिक गतिविधियों का विस्तार करने और नए उद्यमों को प्रोत्साहित करने में मदद मिल सकती है।
इसके अलावा, सड़क निर्माण और परिवहन सुविधाओं के विस्तार से रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। इससे स्थानीय युवाओं और ग्रामीण समुदायों को आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
बेहतर सड़क से जशपुर के पर्यटन को मिलेगी नई पहचान
प्राकृतिक सौंदर्य, झरनों, पहाड़ियों, धार्मिक स्थलों और समृद्ध जनजातीय संस्कृति के लिए प्रसिद्ध जशपुर जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। हालांकि, सीमित सड़क संपर्क के कारण कई प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंचने में पर्यटकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। भारतमाला परियोजना से जिले तक पहुंच आसान होने और पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है।
बेहतर सड़क सुविधाओं का लाभ मयाली नेचर कैंप, मधेश्वर पर्वत, रानीदाह जलप्रपात, कैलाश गुफा सहित जिले के अन्य प्राकृतिक एवं धार्मिक पर्यटन स्थलों को मिल सकता है।
पर्यटकों की संख्या बढ़ने से होटल, होमस्टे, स्थानीय परिवहन, खानपान, हस्तशिल्प और पर्यटन से जुड़ी अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। इससे स्थानीय युवाओं और ग्रामीण परिवारों के लिए आजीविका के नए अवसर विकसित हो सकते हैं।
आधुनिक सड़क अधोसंरचना से सुरक्षित और सुगम होगा सफर
भारतमाला परियोजना के अंतर्गत विकसित किए जा रहे आर्थिक कॉरिडोर में सड़क सुरक्षा और यातायात के सुचारु संचालन को ध्यान में रखते हुए आधुनिक अधोसंरचना की व्यवस्था शामिल है। इसमें अंडरपास, वाहनों के आवागमन के लिए अंडरपास तथा वन्यजीवों की आवाजाही को सुगम बनाने वाली संरचनाएं शामिल हैं।
इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य मुख्य मार्ग पर यातायात को सुचारु बनाए रखने के साथ स्थानीय लोगों और वाहनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। वन्यजीवों के आवागमन के लिए उपयुक्त संरचनाएं पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण होंगी।
आधुनिक सड़क नेटवर्क से लंबी दूरी की यात्री बसों और मालवाहक वाहनों के परिचालन में भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
सड़क के साथ रेल कनेक्टिविटी पर भी जोर
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में सड़क और रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। भारतमाला परियोजना के साथ-साथ कटनी–गुमला राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्य में भी तेजी आने की जानकारी सामने आई है। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और राज्य की सड़क योजनाओं के अंतर्गत विभिन्न सड़कों का निर्माण एवं उन्नयन किया जा रहा है।
जिले की लंबे समय से प्रतीक्षित रेल कनेक्टिविटी को लेकर भी प्रगति की जानकारी सामने आई है। प्रस्तावित लोहरदगा–धरमजयगढ़ रेल लाइन को मंजूरी दिए जाने से संबंधित जानकारी केंद्रीय राजपत्र में प्रकाशित होने की बात कही गई है। इस प्रस्तावित रेल लाइन से जशपुर और आसपास के क्षेत्रों को व्यापक क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सड़क और रेल नेटवर्क के विस्तार से जिले के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई गति मिलने की संभावना है।
दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के दूरस्थ ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पिछले लगभग तीन वर्षों के दौरान सड़क, पुल, पुलिया और अन्य परिवहन अधोसंरचना से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं को आगे बढ़ाया गया है।
भारतमाला परियोजना के अंतर्गत रायपुर–धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे जशपुर जिले का छत्तीसगढ़ के प्रमुख आर्थिक केंद्रों और पड़ोसी राज्यों के साथ संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है।
परियोजना पूरी होने के बाद आवागमन अधिक सुविधाजनक होने के साथ व्यापार, पर्यटन, कृषि और ग्रामीण आजीविका से जुड़ी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है। आधुनिक सड़क नेटवर्क के विस्तार से जशपुर जिले में आर्थिक अवसरों का दायरा बढ़ने और दूरस्थ क्षेत्रों को बेहतर परिवहन सुविधाओं के माध्यम से विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी।