रायपुर । छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाओं को आजीविका से आगे बढ़ाकर सफल उद्यमी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक अभिनव पहल की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व एवं उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ और भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) रायपुर के फाउंडेशन फॉर एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट (एफईडी) की संयुक्त पहल ‘अथ उद्यम’ ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रही है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के छोटे व्यवसायों को व्यवस्थित, लाभकारी और विस्तार योग्य उद्यमों के रूप में विकसित करना है। इससे महिलाएं अपने व्यवसाय को नई पहचान देने के साथ बाजार में अपनी मजबूत जगह बना सकेंगी।
‘आजीविका से उद्यमिता की ओर’ की अवधारणा पर आधारित इस विशेष इन्क्यूबेशन कार्यक्रम की शुरुआत केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने 11 सितंबर 2026 को की थी। इस पहल को लेकर महिला उद्यमियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। अब तक पूरे छत्तीसगढ़ से एक हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इच्छुक महिलाएं 31 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।
प्रशिक्षण के साथ एक साल तक मिलेगा विशेषज्ञों का मार्गदर्शन
‘अथ उद्यम’ कार्यक्रम की विशेषता यह है कि इसमें महिलाओं को केवल व्यवसाय शुरू करने या संचालित करने का प्रशिक्षण ही नहीं दिया जाएगा, बल्कि उनके मौजूदा उद्यमों को आगे बढ़ाने के लिए व्यावहारिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
कार्यक्रम के तहत चयनित महिला उद्यमियों को 64 घंटे का चरणबद्ध व्यवसाय विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही एक वर्ष तक विशेषज्ञों का परामर्श, व्यक्तिगत मार्गदर्शन, क्षेत्रीय स्तर पर सहयोग और सफल उद्यमियों के अनुभवों से सीखने के अवसर मिलेंगे।
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को अपने उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने, लागत एवं लाभ की गणना करने, बिक्री और व्यय का रिकॉर्ड रखने तथा उत्पादन एवं वितरण की बेहतर योजना बनाने के तरीके सिखाए जाएंगे। इसके अलावा ग्राहकों की जरूरतों को समझकर व्यवसाय विकसित करने, बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करने और अपने उत्पादों को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने की जानकारी भी दी जाएगी।
कार्यक्रम में पैकेजिंग, ब्रांडिंग और वित्तीय प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी मार्गदर्शन मिलेगा। साथ ही महिलाओं को बाजार एवं ब्रांड से जुड़ने तथा ऋण और वित्तीय संस्थानों तक पहुंच बनाने में सहयोग किया जाएगा।
गांवों के छोटे व्यवसायों को मिलेगा बड़े बाजार तक पहुंचने का अवसर
‘अथ उद्यम’ पहल से खाद्य प्रसंस्करण, सिलाई एवं वस्त्र निर्माण, हस्तशिल्प, हथकरघा, वनोपज मूल्य संवर्धन, स्थानीय उत्पाद निर्माण, पैकेजिंग और विभिन्न सेवा आधारित गैर-कृषि व्यवसायों से जुड़ी महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।
इस कार्यक्रम के माध्यम से महिलाएं अपने उत्पादों की बेहतर पहचान स्थापित कर सकेंगी। साथ ही स्थानीय बाजारों से आगे बढ़कर नए ग्राहकों तक पहुंच बनाने के लिए आवश्यक व्यावसायिक कौशल विकसित कर पाएंगी।
विशेष रूप से उन महिलाओं को अवसर मिलेगा, जो पहले से कोई गैर-कृषि उद्यम संचालित कर रही हैं और अपने व्यवसाय का विस्तार करना चाहती हैं। स्वयं सहायता समूहों की सदस्य अथवा उनसे जुड़े परिवारों की महिला उद्यमी इस कार्यक्रम के लिए आवेदन कर सकती हैं।
हालांकि, केवल सामान की सामान्य खरीद-बिक्री यानी ट्रेडिंग करने वाले व्यवसाय इस कार्यक्रम के लिए पात्र नहीं हैं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के ऐसे उद्यमों को विकसित करना है, जिनमें उत्पादन, प्रसंस्करण या सेवा आधारित व्यावसायिक गतिविधियां शामिल हों।
252 सामुदायिक संगठनों के प्रतिनिधियों को दिया गया प्रशिक्षण
ग्रामीण महिला उद्यमियों तक कार्यक्रम की जानकारी पहुंचाने और उन्हें आवेदन के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आईआईएम रायपुर द्वारा 252 क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) सदस्यों को प्रशिक्षित किया गया है।
ये प्रशिक्षित सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को ‘अथ उद्यम’ कार्यक्रम की जानकारी देने और आवेदन प्रक्रिया में सहयोग करने का कार्य कर रहे हैं।
इसके अतिरिक्त आईआईएम रायपुर के प्रबंधन विकास केंद्र में जिला एवं विकासखंड स्तर के परियोजना प्रबंधकों का प्रशिक्षण भी सफलतापूर्वक संपन्न किया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार, पात्र महिला उद्यमियों की पहचान और आवेदन प्रक्रिया में सहयोग को गति मिल रही है।
250 महिला उद्यमियों का होगा चयन, आवेदन के लिए ऑनलाइन सुविधा
कार्यक्रम के प्रारंभिक चरण में 250 महिला उद्यमियों का चयन पात्रता एवं आवेदन के मूल्यांकन के आधार पर किया जाएगा। चयनित महिलाओं को व्यवसाय विकास प्रशिक्षण और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन के माध्यम से अपने उद्यमों को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
इच्छुक महिलाएं कार्यक्रम के आधिकारिक पोर्टल अथ उद्यम आवेदन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। इसके अतिरिक्त स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन, क्लस्टर लेवल फेडरेशन, क्षेत्रीय सीआरपी दीदी अथवा विकासखंड स्तरीय बिहान कार्यालय के माध्यम से भी आवेदन संबंधी जानकारी और आवश्यक सहयोग प्राप्त किया जा सकता है।
आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। ऐसे में पात्र महिला उद्यमियों के पास आवेदन करने का अवसर उपलब्ध है।
महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की पहल
‘अथ उद्यम’ ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से आगे बढ़ाकर सक्षम व्यवसाय संचालक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इसके माध्यम से महिलाओं की प्रबंधकीय क्षमता, आर्थिक आत्मनिर्भरता और बाजार में प्रतिस्पर्धा करने की योग्यता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यमों के विकास, स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और आजीविका के नए अवसर सृजित करने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी। राज्य सरकार और आईआईएम रायपुर की यह संयुक्त पहल ग्रामीण महिलाओं को अपने छोटे व्यवसायों को सफल उद्यम में बदलने के लिए प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और बाजार से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगी।