बड़ी खबर: CM हेल्पलाइन (1076) की शिकायतों में लापरवाही पर तहसीलदार निलंबित, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की समीक्षा बैठक के बाद कार्रवाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आम नागरिकों की शिकायतों के निराकरण में लापरवाही को लेकर राज्य शासन ने कार्रवाई की है। कबीरधाम जिले की पिपरिया तहसील में पदस्थ तहसीलदार प्रमोद कुमार चंद्रवंशी को सीएम हेल्पलाइन 1076 से जुड़े राजस्व प्रकरणों के निराकरण में गंभीर लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने 16 अक्टूबर 2026 को निलंबन आदेश जारी किया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जिला कबीरधाम निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने की सीएम हेल्पलाइन की राज्यस्तरीय समीक्षा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 16 अक्टूबर 2026 को सीएम हेल्पलाइन 1076 के कामकाज की राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में विभिन्न विभागों में दर्ज शिकायतों, उनके निराकरण की स्थिति और लंबित मामलों की समीक्षा की गई। प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। शिकायतों को लंबित रखने के बजाय उनका नियमानुसार समाधान करने तथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।

सीएम हेल्पलाइन में दर्ज हुईं 2.31 लाख से अधिक शिकायतें

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 9 जून से 15 अक्टूबर 2026 के बीच सीएम हेल्पलाइन 1076 पर कुल 2,31,850 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 2,05,996 शिकायतों का निराकरण किया गया, जबकि 25,854 शिकायतें लंबित रहीं। इस अवधि में शिकायतों के निराकरण की दर 88.85 प्रतिशत बताई गई।

ये आंकड़े बताते हैं कि हेल्पलाइन के माध्यम से बड़ी संख्या में नागरिक अपनी समस्याएं शासन-प्रशासन तक पहुंचा रहे हैं। ऐसे में शिकायतों का समय पर निराकरण और लंबित मामलों की नियमित समीक्षा महत्वपूर्ण हो जाती है।

राजस्व प्रकरणों में लापरवाही के आरोप पर कार्रवाई

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पिपरिया तहसीलदार प्रमोद कुमार चंद्रवंशी के विरुद्ध सीएम हेल्पलाइन में दर्ज राजस्व संबंधी शिकायतों के निराकरण में गंभीर लापरवाही और स्वेच्छाचारिता बरतने का मामला सामने आया। शासन ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 का उल्लंघन माना है।

रिपोर्टों में बताया गया है कि निलंबन की कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत की गई है। निलंबन अवधि में तहसीलदार का मुख्यालय जिला कबीरधाम निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

शिकायतों के निराकरण में जवाबदेही पर जोर

सीएम हेल्पलाइन 1076 नागरिकों को राशन, पेंशन, बिजली, पेयजल और अन्य सरकारी सेवाओं से जुड़ी समस्याएं प्रशासन तक पहुंचाने का माध्यम है। इस व्यवस्था की प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करती है कि शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई हो और आवेदकों को उचित समाधान मिले।

पिपरिया तहसीलदार के निलंबन की कार्रवाई को शिकायतों के निराकरण में अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के संदर्भ में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक और उसके बाद हुई कार्रवाई से प्रशासनिक स्तर पर लंबित शिकायतों के समयबद्ध निराकरण का मुद्दा फिर चर्चा में आया है।

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