जशपुर: कलेक्टर रोहित व्यास ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक लेकर विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासित शैक्षणिक वातावरण और बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में पाठ्यपुस्तक वितरण, विद्यार्थियों की अपार आईडी, शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति, छात्र उपस्थिति, स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड और जश लर्न कार्यक्रम की विस्तृत समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सिन्हा एवं सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति बिना उचित कारण दर्ज नहीं होगी, उन्हें वेतन का भुगतान नहीं किया जाएगा।
उन्होंने जिन विद्यालयों में अब तक पाठ्यपुस्तकें नहीं पहुंची हैं, वहां शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने तथा नवप्रवेशी विद्यार्थियों की अपार आईडी तत्काल बनाने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने, अनुपस्थित छात्रों के पालकों से नियमित संपर्क रखने और सभी अभिभावकों के अद्यतन मोबाइल नंबर विद्यालय में उपलब्ध रखने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने पात्र विद्यार्थियों के जाति प्रमाण-पत्र समय पर बनवाने तथा सरस्वती साइकिल योजना के तहत पात्र छात्राओं को निर्धारित समय-सीमा में साइकिल वितरण पूरा करने के निर्देश दिए। स्मार्ट क्लास की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि सभी शिक्षकों को इंटरेक्टिव फ्लैट पैनल के संचालन में दक्ष होना चाहिए तथा प्रत्येक विद्यालय में एक आईटी मॉनिटर तैयार किया जाए।
बैठक में जिले की अभिनव पहल जश लर्न कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम के कंट्री हेड रोहन और राज्य प्रमुख सुभाष भी शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम के संचालन और इसके सकारात्मक परिणामों की जानकारी दी।
कलेक्टर ने कहा कि जश लर्न कार्यक्रम के माध्यम से प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों की गणितीय दक्षता मजबूत करने, शिक्षकों और अभिभावकों की सहभागिता बढ़ाने तथा तकनीक आधारित शिक्षा को प्रभावी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जाए।