जशपुर। जशपुर पुलिस ने शादी का झांसा देकर नाबालिग बालिका को अपने साथ मुंबई ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मुंबई के नाला सोपारा से नाबालिग बालिका को बरामद कर सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। वहीं, आरोपी अजय पुरी (24 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। मामला थाना पत्थलगांव क्षेत्र के एक गांव का है। आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 64(2)(M), 87 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
17 सितंबर की रात घर से लापता हुई थी नाबालिग
जशपुर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, दिनांक 20 सितंबर 2026 को पत्थलगांव थाना क्षेत्र के एक गांव के प्रार्थी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 17 सितंबर 2026 की रात उनका पूरा परिवार खाना खाने के बाद सो गया था। उनकी 17 वर्षीय नाबालिग पुत्री अपने कमरे में पढ़ाई कर रही थी। अगले दिन 18 सितंबर की सुबह जब परिजन उठे, तो वह अपने कमरे में नहीं मिली।
परिजनों ने आसपास और रिश्तेदारों के यहां काफी खोजबीन की, लेकिन बालिका का कोई पता नहीं चला। प्रार्थी को संदेह था कि अजय पुरी उसकी पुत्री को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है।
डीआईजी-एसएसपी के निर्देश पर विशेष टीम मुंबई रवाना
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना पत्थलगांव में अपराध क्रमांक 208/2026, भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। नाबालिग बालिका की तलाश और आरोपी की पतासाजी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी।
इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना, टेक्निकल टीम की मदद और परिजनों के सहयोग से पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी मुंबई के नाला सोपारा में नाबालिग बालिका के साथ रह रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के दिशा-निर्देश पर थाना पत्थलगांव से विशेष पुलिस टीम गठित की गई और पीड़िता की तलाश तथा आरोपी की गिरफ्तारी के लिए मुंबई रवाना किया गया।
पुलिस टीम ने लगातार पतासाजी करते हुए आरोपी के ठिकाने का पता लगाया। इसके बाद 27 अक्टूबर 2026 को नाबालिग बालिका को आरोपी अजय पुरी के कब्जे से बरामद किया गया। आरोपी को हिरासत में लेकर जशपुर लाया गया। पुलिस ने बालिका को सुरक्षित संरक्षण में लेकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की।
शादी का आश्वासन देकर बनाए शारीरिक संबंध, पीड़िता के बयान पर बढ़ीं धाराएं
विवेचना के दौरान महिला पुलिस अधिकारी ने पीड़िता का कथन दर्ज किया। पीड़िता ने बताया कि आरोपी अजय पुरी से उसका परिचय वर्ष 2024 में हुआ था। आरोपी शादी करने का आश्वासन देकर उससे संपर्क बनाए रखता था और अलग-अलग अवसरों पर उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाता था।
पीड़िता के अनुसार, 18 सितंबर 2026 को आरोपी उसे काम करने के बहाने मुंबई ले गया था, जहां दोनों रह रहे थे। पीड़िता के बयान और विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(M), 87 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 जोड़ीं।
पुलिस ने पीड़िता का महिला चिकित्सक से चिकित्सकीय परीक्षण कराया। आरोपी का भी चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। इसके बाद नाबालिग बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी अजय पुरी ने अपराध स्वीकार किया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
इन पुलिसकर्मियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी पत्थलगांव निरीक्षक जितेंद्र कुमार ताम्रकार, एएसआई लखेश कुमार साहू, आरक्षक आकाश एवं महिला आरक्षक शारदा नाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
डीआईजी-एसएसपी ने दी कार्रवाई की जानकारी
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि पुलिस ने नाबालिग बालिका को मुंबई से बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। मामले में अग्रिम कार्रवाई जारी है।