बरसात में मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट ,जलजनित एवं मच्छरजनित रोगों की रोकथाम हेतु व्यापक तैयारियां ,लक्षण दिखने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करने की अपील

जशपुरनगर 26 जून 2026/ वर्षा ऋतु के आगमन के साथ जिले में जलजनित, वाहकजनित एवं अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। मौसमी बीमारियों की रोकथाम, नियंत्रण एवं त्वरित उपचार के लिए जिलेभर में व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा ने नागरिकों से स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का पालन करने तथा बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य संस्थाओं से संपर्क करने की अपील की है। सीएमएचओ ने बताया कि जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाइयों, ओआरएस पैकेट, क्लोरीन टैबलेट, एंटीबायोटिक्स एवं अन्य चिकित्सा सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। संभावित प्रभावित क्षेत्रों एवं दुर्गम ग्रामों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की महामारी या बीमारी के प्रकोप की स्थिति में तत्काल नियंत्रणात्मक कार्रवाई की जा सके। उन्होंने नागरिकों से केवल स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल का उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि पानी को उबालकर अथवा क्लोरीनयुक्त कर ही सेवन करें। साथ ही कुओं, हैंडपंपों एवं अन्य जल स्रोतों की नियमित साफ-सफाई बनाए रखें तथा घरों के आसपास गंदा पानी जमा न होने दें। बरसात के मौसम में बासी, दूषित एवं खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से बचने तथा फल एवं सब्जियों को अच्छी तरह धोकर उपयोग करने की सलाह भी दी गई है।

मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए बरतें सावधानी

मलेरिया, डेंगू एवं अन्य मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए नागरिकों से मच्छरदानी का उपयोग करने, पूरी बांह के कपड़े पहनने तथा घर और आसपास जलभराव नहीं होने देने की अपील की गई है। कूलर, पानी की टंकी, गमले, पुराने टायर एवं अन्य पात्रों में जमा पानी को नियमित रूप से खाली करने की सलाह दी गई है, ताकि मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को बुखार, दस्त, उल्टी, पेट दर्द, कमजोरी, सिरदर्द, शरीर दर्द, पीलिया अथवा अन्य संक्रामक रोगों के लक्षण दिखाई दें तो बिना विलंब किए निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय परामर्श लें। स्वयं दवा लेने से बचें और चिकित्सक की सलाह अनुसार ही उपचार कराएं। बच्चों में दस्त की स्थिति में ओआरएस घोल एवं जिंक का उपयोग अत्यंत लाभकारी माना गया है।

ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में चल रहा जन-जागरूकता अभियान

स्वास्थ्य विभाग द्वारा आशा कार्यकर्ताओं, मितानिनों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जन-जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके साथ ही स्वच्छ पेयजल उपलब्धता, जल स्रोतों की निगरानी, साफ-सफाई तथा रोग नियंत्रण गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, अपने परिवार एवं समुदाय को मौसमी बीमारियों के प्रति जागरूक करें तथा किसी भी बीमारी की सूचना तत्काल स्वास्थ्य विभाग को दें। उन्होंने कहा कि जनसहयोग, जागरूकता एवं सतर्कता से ही मौसमी एवं संक्रामक बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

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