रायगढ़, 07 जून 2026। भूमि बिक्री के नाम पर 27 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को पुसौर पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी ने स्वयं को जमीन का मालिक बताकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक व्यक्ति से लाखों रुपये की रकम ले ली थी, जबकि संबंधित भूमि उसके नाम पर दर्ज ही नहीं थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम लिंजिर निवासी इंद्रजीत वर्मा ने थाना पुसौर में शिकायत दर्ज कराई कि उसकी पहचान ग्राम बघनपुर निवासी भीचरण पटेल से बचपन से थी। आरोपी, जो पंचायत सचिव के पद पर कार्यरत है, ने ग्राम कोडातराई स्थित अपनी बताई गई भूमि बेचने का प्रस्ताव दिया। जमीन पसंद आने पर 16 सितंबर 2022 को दोनों के बीच 35 लाख रुपये में सौदा तय हुआ, जिसमें इंद्रजीत वर्मा ने 27 लाख रुपये अग्रिम राशि के रूप में आरोपी को दे दिए।
शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी ने किसान किताब सहित अन्य दस्तावेज दिखाकर विश्वास दिलाया कि नामांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रजिस्ट्री करा दी जाएगी। इसके बाद वह लगातार बहाने बनाकर समय टालता रहा। संदेह होने पर जब शिकायतकर्ता ने तहसील कार्यालय से जानकारी ली तो पता चला कि उक्त भूमि किसी अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज है और आरोपी के नाम से कोई राजस्व प्रकरण लंबित नहीं है।
रुपये वापस मांगने पर आरोपी ने 5 लाख रुपये का एक तथा 11-11 लाख रुपये के दो चेक दिए, लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर तीनों चेक बाउंस हो गए। जनवरी 2025 में आरोपी ने केवल 1 लाख रुपये लौटाए, जबकि शेष राशि वापस नहीं की।
मामले की जांच के बाद थाना पुसौर में अपराध क्रमांक 159/2026 के तहत धारा 420 भादवि में अपराध दर्ज किया गया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस के नेतृत्व में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि भूमि, संपत्ति एवं आर्थिक लेन-देन से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों में रायगढ़ पुलिस सख्ती से कार्रवाई कर रही है। उन्होंने नागरिकों से किसी भी संपत्ति का सौदा करने से पहले दस्तावेजों का विधिवत सत्यापन करने की अपील की है।
गिरफ्तार आरोपी:
भीचरण पटेल (54 वर्ष), निवासी ग्राम बघनपुर, तहसील बरमकेला, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़।