रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि खेती केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन का आधार है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, फसल विविधिकरण, कृषि यंत्रीकरण, आधुनिक तकनीकों के उपयोग तथा कृषि आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दे रही है।
मुख्यमंत्री राजधानी रायपुर में आयोजित ‘किसान और किसानी-प्रोत्साहन तथा परिणाम’ विषयक संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न जिलों से आए प्रगतिशील किसानों को नवाचार, उत्कृष्ट खेती और कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया। कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञों, जनप्रतिनिधियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
किसान परिवार से जुड़ाव का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका जीवन स्वयं किसान परिवार से जुड़ा रहा है। बचपन से उन्होंने खेती की कठिनाइयों और किसानों की जरूरतों को करीब से देखा है। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी के अनुभव ने उन्हें किसानों की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए प्रभावी निर्णय लेने की प्रेरणा दी।
उन्होंने बताया कि पहले किसान साहूकारों और महंगे कर्ज पर निर्भर रहते थे, जबकि आज किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं के माध्यम से समय पर ऋण प्राप्त कर रहे हैं। शून्य प्रतिशत ब्याज पर केसीसी ऋण की सुविधा किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।
किसानों से किए वादे पूरे किए
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बनने के बाद सबसे पहले किसानों से किए गए वादों को पूरा किया गया। राज्य सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक धान की खरीदी कर रही है। साथ ही पूर्व के दो वर्षों का लंबित बोनस भी किसानों को प्रदान किया गया।
उन्होंने बताया कि पिछले खरीफ विपणन सीजन में प्रदेश के लगभग 25 लाख किसानों से 141 लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी की गई, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
फसल विविधिकरण को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल धान पर निर्भरता कम करने के लिए किसानों को दलहन, तिलहन, मक्का तथा कोदो-कुटकी जैसी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। ऐसी फसलों की खेती करने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ आदान सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके साथ ही बागवानी, सब्जी उत्पादन, डेयरी, मत्स्य पालन, पशुपालन तथा लघु वनोपज आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देकर किसानों की आय के नए स्रोत विकसित किए जा रहे हैं।
सिंचाई परियोजनाओं को नई गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार सबसे महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से नई सिंचाई परियोजनाओं, बैराज, एनीकट और नहर विस्तार के कार्य तेज किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इंद्रावती नदी पर मटनार और देऊरगांव में लगभग दो हजार करोड़ रुपये की लागत से बैराज बनाए जाएंगे। वहीं सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग परियोजना के लिए लगभग तीन हजार करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं के पुनर्निर्माण और आधुनिकीकरण के लिए करीब 2800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को सोलर सिंचाई पंप, ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों के साथ अनुदान पर आधुनिक कृषि यंत्र भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
आधुनिक तकनीक से बदल रही खेती
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं ‘ड्रोन दीदी’ बनकर आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग कर रही हैं। ड्रोन के माध्यम से नैनो डीएपी का छिड़काव किया जा रहा है, जिससे खेती अधिक वैज्ञानिक और प्रभावी बन रही है। उन्होंने कहा कि अब शिक्षित युवा भी आधुनिक खेती और कृषि आधारित उद्योगों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
बस्तर में विकास और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद कमजोर होने के बाद बस्तर में विकास के नए अवसर खुले हैं। नियद नेल्लानार योजना और बस्तर मुन्ने योजना के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों तक शासन की योजनाएं पहुंच रही हैं। जिन सुरक्षा शिविरों की आवश्यकता नहीं रही, उन्हें ‘सेवाडेरा’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
नई उद्योग नीति से बढ़ेंगे रोजगार
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की नई उद्योग नीति को देशभर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। अब तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश संबंधी एमओयू किए जा चुके हैं। सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल, डाटा सेंटर और अन्य क्षेत्रों में निवेश से युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना में भी तेजी
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि विकास के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना के क्षेत्र में भी तेजी से कार्य हो रहा है। प्रदेश में आईआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे राष्ट्रीय संस्थान संचालित हैं। बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हुआ है और अब जटिल सर्जरी भी सफलतापूर्वक की जा रही हैं। वहीं राज्य के 32 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है तथा खरसिया-परमलकसा और कटघोरा-डोंगरगढ़ रेल परियोजनाओं को भी गति मिली है।
कार्यक्रम में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, राज्य गौसेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन महाराज, वरिष्ठ पत्रकार सतीश चंद्र श्रीवास्तव, कृषि विशेषज्ञ, प्रगतिशील किसान तथा विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे