रायपुर, 20 मई 2026। छत्तीसगढ़ की आधुनिक और योजनाबद्ध राजधानी नवा रायपुर अटल नगर आज देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे स्मार्ट शहरों में अपनी विशेष पहचान बना चुका है। सुव्यवस्थित अधोसंरचना, हरित विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आईटी, पर्यटन और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में हो रहे व्यापक कार्यों ने इसे भविष्य के भारत का आदर्श शहरी मॉडल बना दिया है। यह केवल प्रशासनिक राजधानी नहीं, बल्कि निवेश, नवाचार और समावेशी विकास का सशक्त केंद्र बनकर उभर रहा है।
स्मार्ट अधोसंरचना और आधुनिक शहरी सुविधाएं
नवा रायपुर अटल नगर में 52 एमएलडी क्षमता की पाइपलाइन और अत्याधुनिक जल शोधन संयंत्र के माध्यम से पूरे शहर में दीर्घकालिक पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। इससे वर्तमान आबादी के साथ नए विकसित हो रहे सेक्टरों की आवश्यकताओं को भी पूरा किया जा सकेगा।
जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 10.66 किलोमीटर लंबी बायोस्वेल्स, रिचार्ज पिट्स और प्राकृतिक जल निकासी तंत्र विकसित किए गए हैं। इन पहलों से भूजल पुनर्भरण के साथ पर्यावरणीय संतुलन भी मजबूत हुआ है।
परिवहन और कनेक्टिविटी को नई गति
रायपुर-राजिम रेल सेवा का विस्तार नवा रायपुर के सीबीडी स्टेशन तक किए जाने से शहर की कनेक्टिविटी को नया आयाम मिला है।
महिलाओं की सुरक्षित आवाजाही और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए पिंक ई-रिक्शा सेवा शुरू की गई है। वहीं ई-बस संचालन के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो चुका है और सेवा प्रारंभ होने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। यह पहल हरित और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
शिक्षा के क्षेत्र में विकसित हो रहा एडूसिटी
नवा रायपुर के 13 सहकारी विद्यालयों का उन्नयन किया गया है तथा दो उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित किया गया है।
लगभग 200 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रही एडूसिटी में National Institute of Fashion Technology (NIFT), National Institute of Electronics and Information Technology (NIELIT), National Forensic Sciences University (NFSU) और Narsee Monjee जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों को भूमि आवंटित की जा चुकी है। सेक्टर-7 में 17 एकड़ भूमि पर आवासीय विद्यालय की स्थापना भी प्रस्तावित है।
मेडिसिटी बनेगी स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा केंद्र
मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लगभग 500 एकड़ क्षेत्र में विश्वस्तरीय मेडिसिटी विकसित की जा रही है। यहां सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, डायग्नोस्टिक सेंटर, धर्मशाला, होटल और आवासीय सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
इस परियोजना के अंतर्गत Bombay Hospital को 300 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल हेतु भूमि आवंटित की गई है। साथ ही लगभग 50 एकड़ भूमि पर निजी निवेशकों को आवासीय विकास के लिए भूखंड दिए गए हैं, जिनमें लगभग 350 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है।
महिला सशक्तिकरण और श्रमिक कल्याण को प्राथमिकता
कार्यरत महिलाओं के लिए 1,000 क्षमता वाले वर्किंग वुमन हॉस्टल का निर्माण 109 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। यह परियोजना महिला सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को मजबूती देगी।
इसके अलावा प्रवासी श्रमिकों के लिए 1,100 क्षमता वाला सर्वसुविधायुक्त श्रमिक आवास भवन 40 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है।
पर्यटन, संस्कृति और खेल सुविधाओं का विस्तार
नवा रायपुर में 77 एकड़ भूमि पर सेवाग्राम तथा सेक्टर-39 में Art of Living Foundation को 40 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जहां सांस्कृतिक और सामुदायिक गतिविधियों के बड़े केंद्र विकसित किए जा रहे हैं।
सेक्टर-4 और 10 में लगभग 120 एकड़ क्षेत्र में निजी निवेश से कन्वेंशन सेंटर कम स्पोर्ट्स सिटी विकसित की जा रही है। लगभग 800 करोड़ रुपये की इस परियोजना में विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर के साथ टेनिस, तैराकी, कुश्ती, तीरंदाजी और स्क्वैश जैसी खेल सुविधाएं विकसित होंगी।
सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी का नया हब
नवा रायपुर में राज्य का पहला एसईजेड आधारित एआई डेटा सेंटर पार्क स्थापित किया जा रहा है, जिसमें लगभग 4,000 करोड़ रुपये का निजी निवेश प्रस्तावित है।
यहां भारत का पहला GaN तकनीक आधारित सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित करने के लिए भी भूमि आवंटित की गई है। इलेक्ट्रॉनिक कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) हेतु भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है, जहां PCB प्रोटोटाइपिंग, 3D प्रिंटिंग और EMC टेस्टिंग जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
सीबीडी क्षेत्र में प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर आईटी कंपनियों को सुसज्जित कार्यालय उपलब्ध कराए गए हैं। वर्तमान में यहां लगभग 1,000 युवा कार्यरत हैं तथा 2,000 अतिरिक्त रोजगार सृजन की संभावना जताई जा रही है।
हरित और सतत विकास की दिशा में अग्रणी
“पीपल फॉर पीपल” अभियान के तहत एक लाख से अधिक पौधे लगाए गए हैं, जिससे शहर के 26 प्रतिशत हरित क्षेत्र को संरक्षित और विस्तारित करने में मदद मिली है।
बायोस्वेल्स, रिचार्ज सिस्टम और हरित कॉरिडोर जैसी पहलों ने नवा रायपुर को पर्यावरण-अनुकूल और जल-संवेदनशील शहर के रूप में स्थापित किया है।
आगामी वर्षों की महत्वाकांक्षी कार्ययोजना
नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण आने वाले वर्षों में कई बड़ी परियोजनाओं पर कार्य कर रहा है। इनमें सेरीखेड़ी और मंदिरहसौद क्षेत्र में लगभग 1,100 एकड़ में 800 करोड़ रुपये की लागत से अधोसंरचना विकास, राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) के लिए विशेष प्राधिकरण का गठन, मेडिसिटी और एडूसिटी का विस्तार, आईटी एवं एआई हब के रूप में शहर का विकास, 40 नई ई-बसों का संचालन और पर्यटन परियोजनाओं में निजी निवेश को बढ़ावा देना शामिल है।
नई राजधानी, नए भारत की पहचान
नवा रायपुर अटल नगर आज योजनाबद्ध विकास, आधुनिक सुविधाओं और सतत शहरीकरण का सशक्त उदाहरण बन चुका है। शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी, पर्यटन और हरित विकास के क्षेत्रों में निरंतर प्रगति इसे न केवल छत्तीसगढ़ की नई पहचान बना रही है, बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में स्थापित कर रही है।
आने वाले वर्षों में नवा रायपुर अटल नगर निश्चित रूप से भारत के सबसे आधुनिक, निवेश-अनुकूल और उच्च जीवन गुणवत्ता वाले शहरों में अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा।