जशपुर, 28 जून 2026। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की हरी-भरी पहाड़ियों, घने साल वनों और मनमोहक प्राकृतिक सौंदर्य के बीच स्थित रानीदाह जलप्रपात प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। जशपुर नगर से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह जलप्रपात जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और लोककथाओं के कारण पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करता है।
रानीदाह की ओर जाने वाला मार्ग स्वयं में एक यादगार अनुभव प्रदान करता है। सड़क के दोनों ओर फैली हरियाली, पहाड़ियों की मनोरम श्रृंखलाएं और जंगलों से आती पक्षियों की मधुर आवाजें पर्यटकों का स्वागत करती हैं। जैसे-जैसे यात्री जलप्रपात के करीब पहुंचता है, चट्टानों से गिरती दूधिया जलधाराओं की गूंज और ठंडी हवाएं मन को एक अलग ही सुकून प्रदान करती हैं।
बरसात के मौसम में रानीदाह का सौंदर्य अपने चरम पर होता है। ऊंची चट्टानों से कई धाराओं में गिरता जल एक अद्भुत दृश्य निर्मित करता है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। वहीं गर्मी के मौसम में जल प्रवाह अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद यहां की प्राकृतिक शांति और हरियाली पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती रहती है।
लोककथा से जुड़ी है रानीदाह की पहचान
रानीदाह केवल एक प्राकृतिक पर्यटन स्थल ही नहीं, बल्कि अपने साथ एक ऐतिहासिक लोककथा भी समेटे हुए है। स्थानीय जनश्रुतियों के अनुसार बहुत समय पहले ओडिशा की राजकुमारी रानी शिरोमणि किसी कारणवश जशपुर की इन पहाड़ियों तक पहुंच गई थीं। कहा जाता है कि जब उनके पिता और पांच भाई उनका पीछा करते हुए यहां पहुंचे, तब रानी ने अपने सम्मान और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए इसी गहरी खाई में छलांग लगाकर प्राण त्याग दिए।
मान्यता है कि उसी घटना के बाद इस जलप्रपात का नाम “रानीदाह” पड़ा, जिसका अर्थ है “रानी का जलप्रपात”। झरने के आसपास स्थित कुछ चट्टानों को आज भी स्थानीय लोग “पांच भैया” के नाम से जानते हैं, जिन्हें रानी के भाइयों का प्रतीक माना जाता है। यह कथा आज भी क्षेत्र के लोगों द्वारा पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुनाई जाती है और इस स्थल को एक रहस्यमयी तथा भावनात्मक पहचान प्रदान करती है।
प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों की पहली पसंद
रानीदाह जलप्रपात परिवार, मित्रों और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक आदर्श पिकनिक स्थल के रूप में विकसित हो चुका है। यहां आने वाले पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के साथ-साथ फोटोग्राफी, प्रकृति अवलोकन और शांत वातावरण में समय बिताने का अनुभव प्राप्त करते हैं। सप्ताहांत और अवकाश के दिनों में यहां स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से आने वाले पर्यटकों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिलती है।
जशपुर पर्यटन की बढ़ती पहचान
जशपुर जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और रानीदाह जलप्रपात उनमें से एक महत्वपूर्ण कड़ी है। जिले के अन्य पर्यटन स्थलों की तरह यह स्थान भी प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक विरासत का सुंदर संगम प्रस्तुत करता है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन द्वारा पर्यटन स्थलों के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों से रानीदाह जैसे स्थल अब प्रदेश और देश के पर्यटकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।
यदि आप प्रकृति की गोद में कुछ सुकून भरे पल बिताना चाहते हैं, झरनों की मधुर गूंज सुनना चाहते हैं और लोककथाओं से जुड़ी एक अनोखी दुनिया का अनुभव करना चाहते हैं, तो रानीदाह जलप्रपात आपका इंतजार कर रहा है। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य, शांत वातावरण और ऐतिहासिक कथा हर आगंतुक के मन में ऐसी स्मृतियां छोड़ जाती है, जिन्हें वह जीवनभर नहीं भूल पाता।