जशपुर। नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगाकर ले जाने और दुष्कर्म के मामले में कुनकुरी की विशेष अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी सन्नु चौहान उर्फ सोनू चौहान (32 वर्ष) को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। मामले में पुलिस की प्रभावी विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्य और अभियोजन की मजबूत पैरवी के आधार पर यह फैसला आया है।
मामला उस समय सामने आया जब 14 वर्षीय नाबालिग बालिका अपनी छोटी बहन के साथ रथ मेला देखने गई थी। शाम के समय छोटी बहन घर लौट आई, लेकिन बड़ी बहन के वापस नहीं आने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की।
पुलिस के मुताबिक, छोटी बहन से पूछताछ के दौरान जानकारी सामने आई कि आरोपी सन्नु चौहान उर्फ सोनू चौहान नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। आरोपी द्वारा धमकी दिए जाने के कारण छोटी बहन ने तत्काल घटना की जानकारी परिजनों को नहीं दी।
नाबालिग के नहीं मिलने पर परिजनों ने चौकी कोल्हेनझरिया में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की।
अगले ही दिन आरोपी के कब्जे से बरामद हुई नाबालिग
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई की और 01 जुलाई 2025 को नाबालिग बालिका को आरोपी के कब्जे से बरामद कर लिया।
पुलिस के अनुसार, महिला पुलिस अधिकारी के समक्ष नाबालिग का बयान दर्ज कराया गया। अपने कथन में बालिका ने आरोपी पर प्यार और शादी का झांसा देकर अपने साथ ले जाने तथा दुष्कर्म करने का आरोप लगाया।
एफएसएल रिपोर्ट समेत जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्य
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर नजरी नक्शा तैयार किया और संबंधित गवाहों के बयान दर्ज किए। मामले में आवश्यक दस्तावेज एवं वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए। जब्त किए गए प्रदर्शों को परीक्षण के लिए एफएसएल भेजा गया और प्राप्त रिपोर्ट को विवेचना में शामिल किया गया।
विवेचना के दौरान आरोपी के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। न्यायिक रिमांड पर उसे जिला जेल जशपुर भेज दिया गया। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया।
कोर्ट ने सुनाई दो धाराओं में सजा
प्रकरण की सुनवाई माननीय भानु प्रताप सिंह, विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एवं पॉक्सो), कुनकुरी की अदालत में हुई। पुलिस की विवेचना और लोक अभियोजन की प्रभावी पैरवी के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी माना।
न्यायालय ने आरोपी को—
– पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 वर्ष कठोर कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड।
– बीएनएस की धारा 137(2) के तहत 5 वर्ष कठोर कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड।
की सजा सुनाई है। दोनों सजाएं साथ-साथ भुगताई जाएंगी। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में न्यायालय ने अतिरिक्त कारावास का प्रावधान भी किया है।
पुलिस की विवेचना और अभियोजन की पैरवी रही अहम
इस मामले की विवेचना तत्कालीन चौकी प्रभारी कोल्हेनझरिया स.उ.नि. टेकराम सारथी एवं डीएसपी अजाक भावेश कुमार समरथ द्वारा की गई। वहीं, लोक अभियोजक भरत राम यादव ने न्यायालय में मामले की प्रभावी पैरवी की।
जशपुर पुलिस का कहना है कि नाबालिग बच्चों एवं महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों में त्वरित कार्रवाई, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और मजबूत अभियोजन के जरिए आरोपियों को न्यायालय से कठोर सजा दिलाने की कार्रवाई लगातार जारी है।