जशपुर: गौ तस्करी के खिलाफ जशपुर पुलिस का ‘ऑपरेशन शंखनाद’ लगातार जारी है। इसी अभियान के तहत पुलिस ने तपकरा थाना और मनोरा चौकी क्षेत्र में दो अलग-अलग कार्रवाई करते हुए 37 गौवंश और 7 भैंसों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया। इस दौरान 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया, जबकि कुछ आरोपी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार तपकरा थाना क्षेत्र में मुखबिर की सूचना पर सड़वा जंगल में घेराबंदी कर 28 गौवंश को झारखंड की ओर पैदल ले जा रहे सात तस्करों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के पास पशुओं के परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला। सभी के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6 और 10 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
वहीं मनोरा चौकी क्षेत्र के इंदा घाट जंगल में पुलिस ने 9 गौवंश और 7 भैंसों को तस्करों से मुक्त कराया। हालांकि पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस उनकी पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।
जशपुर के डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि जिले में गौ तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि गौ तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
गिरफ्तार आरोपी
जगन्नाथ खड़िया (सिमडेगा, झारखंड)
गणेश राणा (सिमडेगा, झारखंड)
रमेश बेहरा (सिमडेगा, झारखंड)
कह रु बेहरा (सिमडेगा, झारखंड)
मनोरंजन बेहरा (सिमडेगा, झारखंड)
मोहन यादव (दोकड़ा, जशपुर)
मग दुम खान (सुंदरगढ़, ओडिशा)