जशपुरनगर, 04 मार्च 2026। जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति समूह (पीवीजीटी) अंतर्गत आने वाले पहाड़ी कोरवा और बिरहोर परिवारों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का आकलन करने के लिए 15 मार्च से व्यापक घरेलू सर्वेक्षण प्रारंभ किया जाएगा। यह अभियान 30 अप्रैल 2026 तक चलेगा।
सर्वे का उद्देश्य समुदायों के वास्तविक जीवन स्तर, मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता और सरकारी योजनाओं की पहुंच का आकलन करना है, ताकि पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ तेजी और पारदर्शिता के साथ मिल सके।
कलेक्टर रोहित व्यास ने निर्देश दिए हैं कि सर्वेक्षण निर्धारित समयसीमा में पूरा हो, जिससे डेटा संकलन, सत्यापन और रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया सुव्यवस्थित ढंग से पूरी हो सके। उन्होंने कहा कि इस पहल से योजनाओं के क्रियान्वयन में गति आएगी और हितग्राहियों तक लाभ शीघ्र पहुंचेगा।
📱 मोबाइल एप से होगा सर्वे
पूरी प्रक्रिया मोबाइल एप के माध्यम से संचालित की जाएगी। प्रत्येक परिवार का विवरण सीधे एप में दर्ज कर तत्काल ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा। इससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और प्रशासन को रियल टाइम मॉनिटरिंग की सुविधा मिलेगी।
📊 इतने गांव और बसाहटें चिन्हित
जिले में कुल 106 पीवीजीटी ग्राम और 263 बसाहटें चिन्हित की गई हैं। इनमें 94 ग्राम पहाड़ी कोरवा और 12 ग्राम बिरहोर जनजाति के हैं।
🏛️ तीन स्तर पर निगरानी
सर्वेक्षण की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए जिला, विकासखंड और ग्राम स्तर पर समितियां गठित की जाएंगी। सर्वे के दौरान परिवार प्रमुख की जानकारी के साथ स्वास्थ्य, पोषण, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, कृषि सहायता, खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा, पर्यावरण, दिव्यांगजन की स्थिति सहित अन्य आवश्यक विवरण संकलित किए जाएंगे।
इस व्यापक पहल से विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास की दिशा में ठोस और तथ्यात्मक आधार तैयार होने की उम्मीद है।




















