जशपुर, 09 मार्च 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संचालित विभिन्न शासकीय योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
इसी कड़ी में जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड की ग्राम दुलदुला निवासी श्रीमती रश्मि तिर्की आज आत्मनिर्भरता की मिसाल बनकर सामने आई हैं। वे दुर्गा महिला स्व-सहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं और आज अपने गांव में ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचान बना चुकी हैं।
रश्मि तिर्की बताती हैं कि पहले वे केवल घर-गृहस्थी के कार्यों तक ही सीमित थीं। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य होने के कारण कई बार आवश्यक जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो जाता था। इसी दौरान उन्होंने महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ने का निर्णय लिया। समूह के माध्यम से उन्हें बचत, ऋण सुविधा और विभिन्न आजीविका गतिविधियों की जानकारी मिली, जिससे उनके जीवन में बदलाव की शुरुआत हुई।
समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने वर्ष 2025 के जुलाई माह में मुद्रा योजना के तहत 70 हजार रुपये का ऋण प्राप्त किया। इस राशि से उन्होंने अपने गांव में एक छोटा फास्ट फूड सेंटर शुरू किया। धीरे-धीरे यह व्यवसाय आगे बढ़ने लगा और आज उनके सेंटर से प्रतिमाह लगभग 25 से 30 हजार रुपये तक की बिक्री हो रही है।
इस आय से वे अपने परिवार का भरण-पोषण करने के साथ बच्चों की पढ़ाई-लिखाई भी बेहतर तरीके से करा पा रही हैं। उनका कहना है कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में आर्थिक मजबूती के साथ आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में महिलाओं को स्वरोजगार के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बनकर परिवार और समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। रश्मि तिर्की की यह सफलता अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है।




















