जशपुर: जशपुर जिले से चार दिवसीय अध्ययन भ्रमण पर रायपुर पहुंचे सरपंचों के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सरपंचों से आत्मीय बातचीत करते हुए उनके पंचायत क्षेत्रों की स्थिति और चल रहे विकास कार्यों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में सरपंचों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने भी जनसेवा की शुरुआत पंच के रूप में की थी, इसके बाद सरपंच बने और आगे चलकर विधायक तथा सांसद के रूप में जनता की सेवा करने का अवसर मिला।
उन्होंने कहा कि यदि किसी सरपंच में अपने गांव और पंचायत के विकास के लिए समर्पण और प्रतिबद्धता हो, तो वह अपने क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। पंचायत स्तर पर अधोसंरचना विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की बड़ी जिम्मेदारी भी सरपंचों के कंधों पर होती है।
मुख्यमंत्री ने सरपंचों से राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने और उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि योजनाओं के सही संचालन और समर्पित नेतृत्व से कोई भी पंचायत आदर्श पंचायत बन सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। सरपंचों को चाहिए कि वे अपने क्षेत्र की समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर विभागीय मंत्रियों व अधिकारियों से निरंतर संपर्क बनाए रखें और योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएं।
उल्लेखनीय है कि जशपुर जिले से 35 सरपंचों का दल चार दिवसीय अध्ययन भ्रमण पर रायपुर पहुंचा है। इसी क्रम में वे विधानसभा की कार्यवाही देखने पहुंचे थे। भ्रमण के दौरान यह दल दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत पतोरा और धमतरी जिले के ग्राम पंचायत सांकरा में हुए विकास कार्यों का भी अवलोकन करेगा।
इस अवसर पर विधायक गोमती साय, रायमुनि भगत सहित जशपुर जिले के सरपंचगण उपस्थित रहे।




















