जशपुर: आम में मैंगो हॉपर का प्रकोप बढ़ने की आशंका, उद्यान विभाग ने बताए नियंत्रण के उपाय… पढ़िए विस्तार से

जशपुरनगर, 12 मार्च 2026। आम के बागानों में लगने वाला मैंगो हॉपर एक प्रमुख कीट है, जो खासतौर पर फूल आने यानी मंजरियों के समय अधिक नुकसान पहुंचाता है। यह कीट पत्तियों और मंजरियों का रस चूस लेता है, जिससे फल बनने की क्षमता प्रभावित होती है और उत्पादन कम हो जाता है।

उद्यान विभाग के अनुसार मैंगो हॉपर की पहचान मंजरियों और नई पत्तियों पर दिखाई देने वाले छोटे हरे या भूरे कीटों से की जा सकती है। इनके प्रकोप से पत्तियां और मंजरियां चिपचिपी हो जाती हैं तथा उन पर काली फफूंदी जमने लगती है। इसके कारण फूल झड़ जाते हैं और फल बनने की प्रक्रिया बाधित होती है।

कृषकों को इसके नियंत्रण के लिए सुबह या शाम के समय एजाडिरेक्टिन 10000 पीपीएम का 1 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा नीम तेल का 0.5 से 1 प्रतिशत (5 से 10 मिली प्रति लीटर पानी) घोल बनाकर भी स्प्रे किया जा सकता है।

यदि प्रकोप अधिक हो तो रासायनिक कीटनाशकों का उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए इमिडाक्लोप्रिड 0.3 मिली प्रति लीटर पानी, थियामेथोक्सम 0.4 ग्राम प्रति लीटर पानी या लैम्ब्डा-साइहेलोथ्रिन 1.0 मिली प्रति लीटर पानी में से किसी एक का छिड़काव 10 से 15 दिन के अंतराल में 2 से 3 बार करने से बेहतर नियंत्रण पाया जा सकता है।

इसके साथ ही किसानों को सलाह दी गई है कि आम के पेड़ों की घनी टहनियों की छंटाई करें, ताकि बाग में धूप और हवा का समुचित संचार हो सके। नियमित सफाई बनाए रखने तथा फल मटर के दाने के बराबर होने पर हल्की सिंचाई शुरू कर नमी बनाए रखने से भी मैंगो हॉपर के प्रकोप को कम किया जा सकता है।

Please Share With Your Friends Also

संवाद छत्तीसगढ़ न्यूज़ पोर्टल बदलते भारत की सबसे विश्वसनीय न्यूज़ पोर्टल है। सबसे सटिक और सबसे तेज समाचार का अपडेट पाने के लिए जुडिए हमारे साथ" टीम :- Samvad Chhattisgarh

Leave a comment