जशपुरनगर, 12 मार्च 2026। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” योजना ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से मजबूत बन रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में भी नई पहचान स्थापित कर रही हैं। जशपुर जिले के मनोरा विकासखंड की रहने वाली बेबी गुप्ता इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आई हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप पंचायत स्तर से लेकर एनआरएलएम की टीम तक महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी पहल का परिणाम है कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं स्वरोजगार से जुड़कर अपने जीवन में नई उड़ान भर रही हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा वर्ष 2006 में बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट मॉडल शुरू किया गया था। इसके तहत बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं को गांव स्तर तक पहुंचाने की व्यवस्था बनाई गई। बाद में ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार ने निर्णय लिया कि बैंकों द्वारा नियुक्त किए जाने वाले बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट का चयन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूहों से किया जाएगा।
इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत बीसी सखी मॉडल लागू किया गया। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को भुगतान में आने वाली समस्याओं का समाधान करना और बैंकिंग प्रक्रिया को सरल बनाना है।
जशपुर जिले के मनोरा विकासखंड के ग्राम पंचायत सोनक्यारी की निवासी श्रीमती बेबी गुप्ता आदर्श स्व-सहायता समूह की सदस्य हैं। वर्ष 2020-21 में वे बीसी सखी के रूप में चयनित हुईं। शुरुआती दौर में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार बैंकिंग ट्रांजेक्शन का कार्य करते हुए अपनी पहचान बनाई।
आज बेबी गुप्ता हर महीने करीब 28 लाख से 35 लाख रुपये तक का बैंकिंग ट्रांजेक्शन करती हैं। इस कार्य के बदले उन्हें कमीशन के रूप में 8 हजार से 11 हजार रुपये तक प्रतिमाह आय प्राप्त होती है। इससे उनका आर्थिक स्तर मजबूत हुआ है और वे आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
स्व-सहायता समूह से जुड़कर और बीसी सखी के रूप में कार्य करते हुए बेबी गुप्ता न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार रही हैं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा भी बन रही हैं। बिहान योजना के माध्यम से उनके जीवन में स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।




















