रायपुर: जल क्रांति की ओर बड़ा कदम—जल जीवन मिशन 2.0 के तहत ऐतिहासिक एमओयू, ‘हर घर जल’ को मिलेगी रफ्तार

रायपुर, 21 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जल जीवन मिशन 2.0 के तहत केंद्र और राज्य सरकार के बीच ऐतिहासिक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए, वहीं केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल की वर्चुअल उपस्थिति में अधिकारियों ने एमओयू का आदान-प्रदान किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह पहल राज्य की ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक साबित होगी। उन्होंने कहा कि ‘हर घर जल’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए जल जीवन मिशन 2.0 से कार्यों में तेजी आएगी और आमजन को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

उन्होंने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 10 मार्च 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन के विस्तारित चरण को मंजूरी दी है। इस चरण में जल सेवा वितरण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करने के साथ जनभागीदारी को भी सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में अब तक 41 लाख 30 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों (लगभग 82.66 प्रतिशत) को नल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है। इस योजना के चलते दूरस्थ वनांचल और आदिवासी क्षेत्रों में भी शुद्ध पेयजल पहुंचा है, जिससे विशेष रूप से महिलाओं को बड़ी राहत मिली है।

उन्होंने कहा कि मिशन 2.0 के तहत ग्राम स्तर पर जल प्रबंधन में समुदाय की भागीदारी बढ़ाने, जल स्रोतों के संरक्षण, जल संवर्धन और पुनर्भरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही योजनाओं के संचालन और रखरखाव को मजबूत करने के लिए तकनीक आधारित पारदर्शी प्रणाली विकसित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल सुविधा को और बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार से 1300 करोड़ रुपये की विशेष स्वीकृति का आग्रह भी किया। इस राशि से 70 समूह जल प्रदाय योजनाओं के जरिए प्रदेश के 3 हजार से अधिक गांवों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने में मदद मिलेगी।

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने कहा कि यह एमओयू छत्तीसगढ़ में पाइपलाइन और जल संरचनाओं के माध्यम से हर घर तक पानी पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों को इस व्यवस्था के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी दी जाएगी, जबकि जिला प्रशासन द्वारा निगरानी और सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत तथा जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश टोप्पो सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


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